श्रीनगर : कश्मीर घाटी में विशेष जांच एजेंसी (एसआईए) ने प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) के खिलाफ अपना अभियान जारी रखा है। एसआईए ने जिला कुपवाड़ा में जमात-ए-इस्लामी की करोड़ों रुपये की और संपत्ति की पहचान की है।
जिला कुपवाड़ा में जम्मू-कश्मीर पुलिस के एसआईए की सिफारिश पर डीएम कुपवाड़ा ने 30 मिलियन रुपये या लगभग 363,123 अमेरिकी डॉलर से अधिक की संपत्ति अधिसूचित किया है। संपत्ति के उपयोग और प्रवेश पर प्रतिबंधों के साथ वर्जित कर दिया गया है।
विशेष जांच में कहा एजेंसी ने कहा कि अलगाववादी गतिविधियों के लिए धन की उपलब्धता को रोकने के लिए और भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता, अखंडता और एकता के लिए शत्रुतापूर्ण राष्ट्र-विरोधी तत्वों व आतंकी नेटवर्क के पारिस्थितिकी तंत्र को खत्म करने के लिए कुपवाड़ा में प्रतिबंधित जेईआई से संबंधित संपत्ति को संबंधित द्वारा अधिसूचित किया गया है। जिलाधिकारियों ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 8 और केंद्रीय गृह मंत्रालय की अधिसूचना संख्या 14017/7/2019, 28-फरवरी-2019 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह कार्रवाई की है।
इस संपत्ति में एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स है जिसमें सर्वेक्षण संख्या 2990/2666/270 और सर्वेक्षण संख्या 3551/2979/263 के अंतर्गत आने वाली भूमि के साथ 20 दुकानें शामिल हैं। सारी संपत्ति को सील कर दिया गया है। इसमें लोगों के प्रवेश और उपयोग पर रोक लगा दी गई है।
विशेष जांच एजेंसी ने अब तक जेईएल की 57 संपत्तियों को अधिसूचित किया है। एसआईए का कहना है कि इस कार्रवाई से जम्मू-कश्मीर में आतंकी फंडिंग पर लगाम लगने की उम्मीद है, इसके अलावा यह कानून के शासन और बिना किसी डर के समाज को बहाल करने की दिशा में एक और बड़ा कदम है।
विशेष रूप से एसआईए ने जम्मू-कश्मीर में 188 जेईएल संपत्तियों की पहचान की है, जिन्हें या तो अधिसूचित किया गया है या आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अधिसूचित होने की प्रक्रिया के तहत हैं।


