
नई दिल्ली : (New Delhi) अमेरिका के विदेश विभाग ने भारत को अपाचे हेलीकॉप्टर, सपोर्ट सेवाएं और संबंधित उपकरणों की संभावित विदेशी सैन्य बिक्री (Foreign Military Sale) (FMS) को मंजूरी दे दी है। इसकी अनुमानित लागत 198.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर है।
अमेरिकी विदेश विभाग के राजनीतिक-सैन्य मामलों के ब्यूरो की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, भारत सरकार ने एएच-64ई अपाचे हेलीकॉप्टरों (AH-64E Apache helicopters) के रखरखाव और संचालन सहायता सेवाएं, अमेरिकी सरकार और ठेकेदारों की इंजीनियरिंग, तकनीकी एवं लॉजिस्टिक सहायता सेवाएं, तकनीकी डेटा एवं प्रकाशन, कर्मियों का प्रशिक्षण तथा अन्य संबंधित लॉजिस्टिक और प्रोग्राम सहायता सेवाओं की खरीद का अनुरोध किया है।
अमेरिका ने कहा कि यह प्रस्तावित बिक्री भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने तथा एक प्रमुख रक्षा साझेदार की सुरक्षा क्षमता बढ़ाने में मदद करेगी। बयान में कहा गया कि भारत हिंद-प्रशांत और दक्षिण एशिया क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता, शांति और आर्थिक प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण शक्ति बना हुआ है।
अमेरिकी विदेश विभाग (U.S. Department of State) के अनुसार, प्रस्तावित सौदे से भारत की वर्तमान और भविष्य के खतरों से निपटने की क्षमता मजबूत होगी, उसकी घरेलू सुरक्षा बेहतर होगी और क्षेत्रीय खतरों के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। भारत को इन उपकरणों और सेवाओं को अपनी सेना में शामिल करने में कोई कठिनाई नहीं होगी।
बयान में यह भी कहा गया कि इस उपकरण और सहायता की प्रस्तावित बिक्री से क्षेत्र में मौजूदा सैन्य संतुलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस सौदे के प्रमुख ठेकेदार बोइंग और लॉकहीड मार्टिन होंगे। बोइंग का मुख्यालय वर्जीनिया के आर्लिंगटन में और लॉकहीड मार्टिन का मुख्यालय फ्लोरिडा के ऑरलैंडो (Orlando, Florida) में स्थित है। इस प्रस्तावित बिक्री के परिणामस्वरूप अमेरिका की रक्षा तैयारियों पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।


