नई दिल्ली : दिल्ली हाई कोर्ट ने लाडली योजना के लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें उसका लाभ देने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता वाली बेंच ने 2 अगस्त को अगली सुनवाई करने का आदेश दिया।
याचिका सामाजिक कार्यकर्ता आकाश गोयल ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि करीब एक लाख 83 हजार लाडली योजना के लाभार्थियों की पहचान की जाए। याचिका में कहा गया है कि लाडली योजना के लाभार्थियों को मिलने वाला करीब 364 करोड़ रुपये बेकार पड़े हैं। याचिका में कहा गया है कि इस योजना के लाने के पीछे लक्ष्य ये था कि लड़कियों की समाज और परिवार में हैसियत बढ़े और वे खुद अपने फैसले ले सकें। याचिका में कहा गया है कि लाडली योजना के तहत लड़कियों के 18 वर्ष के होने पर उनके बैंक खाते में एक लाख रुपये जमा किए जाते हैं।
याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता को 15 जून 2022 और 8 अगस्त 2022 को आरटीआई से मिली सूचना के मुताबिक एक लाख 83 हजार लाडली योजना के लाभार्थियों के लिए 364 करोड़ रुपये बेकार पड़े हुए हैं। ये रकम योग्य बालिकाओं की पहचान कर उन्हें दी जानी चाहिए। दिल्ली में लाडली योजना के लाभार्थियों को लाभ लेने की प्रक्रिया काफी जटिल है। लड़कियों के अभिभावकों से इतने दस्तावेज मांगे जाते हैं कि उतने दस्तावेज किसी गरीब परिवार के पास मिलना संभव नहीं है।


