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Mirzapur : स्टार्टअप का तीसरा सबसे बड़ा हब बनकर उभरा भारत

कल्पना से भी अधिक तेजी से बदल रही प्रौद्योगिकी

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर ऑनलाइन कार्यशाला

मीरजापुर : जिला विज्ञान क्लब की ओर से राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर गुरुवार को ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि किसी भी देश के विकास की पहचान उसके वैज्ञानिक रूप से ही होती है। आज भारत के 75 से अधिक यूनिकॉर्न हैं। 50 हजार से अधिक स्टार्टअप हैं। भारत तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बनकर उभरा है। अटल इनोवेशन मिशन और पीएम रिसर्च फेलोशिप से युवाओं के लिए नए रास्ते बनाए जा रहे हैं। वैज्ञानिक डॉ एसपी सिंह ने कहा कि प्रौद्योगिकी हमारी कल्पना से भी अधिक तेजी से बदल रही है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफार्म ने कोविड के समय लड़ाई को सरल बनाया। इसी तरह आरोग्य सेतु ऐप कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में प्रभावी हथियार बना। कीटनाशक एवं पोषक तत्वों के प्रयोग में ड्रोन तकनीकी का उपयोग हो रहा है। जिला समन्यवक सुशील कुमार पांडेय ने बाल वैज्ञानिकों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के बारे में बताया। विज्ञान प्राकृतिक दुनिया का वैज्ञानिक पद्धति से अध्ययन है। पूर्व राष्ट्रपति एवं वैज्ञानिक डा. एपीजे अब्दुल कलाम के नेतृत्व में 11 मई 1998 को भारत ने पोखरण राजस्थान में परमाणु परीक्षण किया था। इस दिवस को प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि प्राप्त होने के उपलक्ष्य में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। पूर्व प्रवक्ता जीसी तिवारी ने प्रौद्योगिकी को परिभाषित करते हुए कहा कि सैद्धांतिक विज्ञान, व्यावहारिक विज्ञान और उत्पादक विज्ञान (प्रौद्योगिकी) है।

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