सदर विधायक, बोले उच्च न्यायालय में करेंगे अपील
झांसी : प्रेमनगर थाना क्षेत्र में विगत 16 वर्ष पूर्व हुए एक ढाबा संचालक के अपहरण कांड की घटना का खुलासा करने और अपहृत को सकुशल बरामद कराने के लिए किए गए धरना प्रदर्शन व सड़क जाम के मामले में दर्ज मुकदमे की आज सुनवाई करते हुए न्यायालय ने इसे कानून का उल्लंघन बताया। साथ ही झांसी के पूर्व नगर पालिका चेयरमैन और सदर विधायक, पार्षद समेत 40 लोगों को दोषी करार मानते हुए एक माह की सजा या 1500 रुपये जुर्माना अदा करने का फैसला सुनाया। इस पर सदर विधायक एवं अन्य ने उच्च न्यायालय में अपील करने की बात कही। जबकि पूर्व नगर पालिका चेयरमैन समेत कई लोगों ने न्यायालय में 1500 रुपये अदा कर दिए। जिसके बाद सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया है।
09 जून 2006 में प्रेमनगर थाना क्षेत्र के बिजौली चौकी क्षेत्र अंतर्गत स्थित राजपूत ढाबा के संचालक रिंकू राजपूत का बदमाशों ने अपहरण कर पांच लाख की फिरौती की मांग की थी। अपहृत की सकुशल बरामदगी के लिए झांसी से सदर विधायक रवि शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, नरेश बिलहटिया, पार्षद आदर्श गुप्ता समेत कई लोग पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए झांसी-ललितपुर राजमार्ग जाम करते हुए धरना प्रदर्शन किया था। इस पर पुलिस ने नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन डॉ धन्नू लाल गौतम समेत 75 लोगों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर लिया था। जिसमें कई लोगों को क्लीन चिट मिल गई थी। 16 लोगों के गैर हाजिर होने पर उनकी फाइल अलग कर दी गई थी। 41 लोगों की फाइल न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कन्हैया लाल की अदालत में सुनवाई चल रही थी। इस मामले की आज सुनवाई करते हुए अदालत ने सदर विधायक रवि शर्मा, पूर्व नगर पालिका चेयर मैन डॉक्टर धन्नू लाल गौतम, बबलू रिछारिया, चंद्र प्रकाश मिश्रा, ओम प्रकाश राजपूत, आदर्श गुप्ता, सत्यप्रकाश गुप्ता आदि को दोषी करार मानते हुए एक माह की सजा या पंद्रह सौ रुपये जुर्माना अदा करने का फैसला सुनाया। वहीं एक आरोपी रामबाबू पाठक रेलवे कर्मचारी निवासी बिजौली को इस मुकदमे में इस आधार पर बरी किया गया कि घटना वाले दिन वो घटनास्थल पर नहीं था। वह रेलवे के कार्य से बाहर गया हुआ था।
वहीं सदर विधायक समेत कई आरोपितों ने उच्च न्यायालय में जाने की बात कही है। जबकि पूर्व पालिका चेयर मैन डॉक्टर धन्नू लाल समेत कई लोगों ने पंद्रह सौ रुपया जुर्माना का अदा कर दिया। अपील करने वालों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया है।
सदर विधायक पंडित रवि शर्मा ने बताया कि 2006 में समाजवादी पार्टी के गुंडों ने ढाबा संचालक के पुत्र का अपहरण कर लिया था। इस सूचना पर हम लोग मौके पर पहुंचे तो वहां कई लोग जाम लगाए हुए थे, उस समय समाजवादी पार्टी की सरकार थी, उन्हीं के इशारे पर पुलिस ने हम लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया था और बाकी कई लोगों को पुलिस ने सत्ता के इशारे पर क्लीन चिट दे दी थी। उन्होंने न्यायालय के इस फैसले पर उच्च न्यायालय में अपील करने की बात कही।


