नई दिल्ली : दक्षिण पश्चिम जिले के वसंतकुंज के रंगपुरी इलाके में आवारा कुत्तों ने एक बार फिर एक सात साल की बच्ची पर हमला कर उसे घायल कर दिया। बच्ची को अस्पताल में उपचार के लिये ले जाया गया। जहां पर उसका ईलाज कर डाक्टरों ने उसे घर भेज दिया। कुत्ते ने बच्ची की पीठ, गर्दन और हाथ पर कई जगह काटा है। लोगों के अनुसार यहां के कुत्ते खूंखार हैं, सीधे बच्चों की गर्दन पर हमला करते हैं।
उल्लेखनीय है कि करीब दो महीने पहले 10 मार्च को इसी इलाके में कुत्तों के झुंड ने दो सगे भाइयों को बुरी तरह घायल करके मार डाला था। इसी इलाके में लगभग 15 दिन पहले कुत्तों के झुंड ने 13 साल के एक बच्चे को बुरी तरह से घायल कर दिया था। इलाज के बाद अब उसकी हालत अब ठीक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास के जंगल में काफी खूंखार कुत्ते रहते हैं। लेकिन एमसीडी इन कुत्तों को न तो यहां से हटाते हैं और न ही कोई ऐसा इंतजाम करते हैं, जिससे कुत्ते बच्चों पर हमला न करें।
मार्च में जिन दो बच्चों को कुत्तों ने नोचकर मार डाला था, उनके पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद भी यह साफ हो गया था कि बच्चों की मौत कुत्तों के काटने से हुई थी। लोगों ने बताया कि पड़ोस में बंगाली मार्केट है, जहां से चिकन और मछली के बचे हुए अवशेषों को जंगल में फेंक दिया जाता है। जिसकी वजह से यहां पर कुत्तों का हुजूम लगा रहता है।
इस पूरे मामले के बाद क्षेत्र में बच्चों के अभिभावक में दहशत का माहौल है। बच्चे को भी अब किसी भी सामान को लाने के लिये बाहर भेजने से कतरा रहे हैं। बार बार इस तरह के वारदात के बावजूद प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। अब एमसीडी की तरफ से इसपर क्या एक्शन लिया जाता है, यह आने वाला समय बताएगा।


