मनपा प्रशासक को दिया लिखित निवेदन
उल्हासनगर : उल्हासनगर मनपा के पूर्व उप महापौर तथा पूर्व विरोधी पक्ष नेता धनंजय बोडारे ने उल्हासनगर मनपा को ठेके पर देकर चलाने की मांग की है।
इस संदर्भ में उन्होंने मनपा आयुक्त अजीज शेख को एक लिखित निवेदन देकर यह मांग की है वे ऐसा प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजें क्योंकि प्रशासन को ये पावर्स हैं। दरअसल जिस प्रकार से आज मनपा के प्रायः हर विभाग में कर्मचारी, इजीनियर्स ठेके पर लिया जा रहा है, उसको देखते हुए पूरी मनपा ही ठेके पर दे दिया जाए। इस संदर्भ में शिवसेना (उद्धव गुट) के कल्याण जिला समन्वयक धनंजय बोडारे ने बताया कि जिस तरीके से महासभा होती थी, हम फॉलोअप रखते थे, लेकिन एक साल से कोई जनप्रतिनिधि नहीं हैं।
हम लगातार मांग कर रहे हैं कि मनपा इंजीनियर्स की बहाली करे। 2009 तक मनपा में 25 से 30 इंजीनियर्स थे, लेकिन आज की तारीख में ना के बराबर हैं। मनपा प्रशासन ठेके पर इंजीनियर्स ले रही है। ऐसे इंजीनियर्स आगे की नहीं सोचेंगे, उन्हें ठेकेदार जितना पैसा देगा वे उतना ही काम करेंगे। हम बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स ला रहे हैं, लेकिन उसे देखने वाला कोई इंजीनियर्स नहीं है, उन्होंने अपने निवेदन में कहा है कि पहले उल्हासनगर मनपा में सभी कार्य मनपा प्रशासन के माध्यम से होते थे। लोक निर्माण विभाग में केवल विकास कार्य एवं जल आपूर्ति विभाग में नई पाइप लाइन डालने का कार्य ठेकेदारों द्वारा किया जाता था, लेकिन आज की तारीख में उल्हासनगर मनपा में जल आपूर्ति विभाग में वॉलमेन से लेकर इंजीनियर तक ठेकेदारों के माध्यम से उपलब्ध करवाया जा रहा है।
पीडब्लूडी, वाटर सप्लाई, विद्युत विभाग यानि हर विभाग में ठेके पर अधिकारी कर्मचारी लिए जा रहे हैं ।साथ ही अग्निशमन विभाग के सभी कर्मियों को ठेकेदारों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। शहर के स्वास्थ्य की देखभाल कर रहे चिकित्सक व अन्य कर्मचारी भी ठेके पर हैं। कचरा परिवहन अभी ठेके पर है, जबकि सफाई-कर्मचारी भी ठेकेदारों के माध्यम से दोगुनी कीमत पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस प्रकार प्रायः मनपा के सभी विभाग ठेके पर चलाए जा रहे हैं और इससे शहर का विकास प्रभावित हो रहा है। इतना ही नहीं आने वाले समय में सारी व्यवस्था चरमरा जाएगी। अगर सब ठेके पर ही चलना है, तो पूरी मनपा ही ठेके पर चलाई जाए।


