
मुंबई : मुंबई पुलिस ने 13 नवंबर से 12 दिसंबर तक ड्रोन, रिमोट से नियंत्रित विमान (एअरक्राफ्ट), पैराग्लाइडर, निजी हेलीकॉप्टर और गर्म हवा के गुब्बारों की उड़ानों पर रोक लगा दी है ताकि आतंकवादी गतिविधियों के लिए इन वस्तुओं के संभावित इस्तेमाल को कम किया जा सके। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।सोमवार को जारी आदेश के अनुसार, शहर की पुलिस द्वारा हवाई निगरानी या पुलिस उपायुक्त (संचालन) द्वारा लिखित विशेष अनुमति के अलावा, बृहन्मुंबई पुलिस आयुक्तालय की सीमा में उपरोक्त निजी उड़ान वस्तुओं की किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी।उक्त आदेश, 26 नवंबर, 2008 को मुंबई में हुए घातक आतंकी हमले की बरसी के तहत जारी किया गया है, जिसमें 166 लोग मारे गए थे।शहर की पुलिस ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा-144 के तहत आदेश जारी किया।
बड़े पैमाने पर मानव जीवन को खतरे में डाल सकते हैं ड्रोन
पुलिस का कहना है कि इसका उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा-188 के तहत सज़ा दी जाएगी।आदेश के मुताबिक, यह संभावना है कि आतंकवादी, संभावित हमलों के लिए ड्रोन, रिमोट से नियंत्रित होने वाले विमान (एअरक्राफ्ट), पैराग्लाइडर का उपयोग कर सकते हैं। इस तरह वे वीवीआईपी को निशाना बना सकते हैं और बड़े पैमाने पर मानव जीवन को खतरे में डाल सकते हैं, सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट कर सकते हैं और कानून व्यवस्था में गड़बड़ी कर सकते हैं।
आदेश में कहा गया, इन उड़ने वाली वस्तुओं के उपयोग से किसी भी संभावित हमले को रोकने के मकसद से बृहन्मुंबई पुलिस आयुक्तालय के अधिकार क्षेत्र में ऐसे तत्वों की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक है। इसलिए, कुछ निवारक और सक्रिय उपाय किए जाने की आवश्यकता है।


