
अंधेरी निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा और शिंदे समूह के पास नहीं थी ताकत
इंडिया ग्राउंड रिपोर्ट संवाददाता
मुंबई : अंधेरी पूर्व विधानसभा उपचुनाव में महाविकास अघाड़ी उम्मीदवार रितुजा लटके की जबर्दस्त जीत ईडी सरकार में जनता के विश्वास की कमी का संकेत है। भले ही इस निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा और शिंदे समूह के पास ताकत नहीं थी, लेकिन चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं। भाजपा को चुनाव से इसलिए भागना पड़ा,क्योंकि उसे लगा कि वह हारने वाली है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा है कि अंधेरी की जनता ने महाविकास अघाड़ी में आस्था जताकर बीजेपी और शिंदे समूह की तोड़फोड़ की राजनीति को बड़ा तमाचा दिया है।
इस संबंध में बोलते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि शिवसेना के रमेश लटके के आकस्मिक निधन के कारण अंधेरी पूर्व में उपचुनाव हुआ था। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने मोर्चे के धर्म का पालन करते हुए शिवसेना उम्मीदवार का समर्थन किया। महाराष्ट्र में यह एक राजनीतिक परंपरा है कि यदि कोई सदस्य मर जाता है, तो सीट निर्विरोध चली जानी चाहिए, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने इस परंपरा के खिलाफ अपनी उम्मीदवारी दायर की, लेकिन जैसे ही उन्हें एहसास हुआ कि वे इस निर्वाचन क्षेत्र में प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे, उन्होंने परंपरा का हवाला देते हुए अपना नामांकन वापस ले लिया। दरअसल, भारतीय जनता पार्टी ने ऐसी परंपरा का पालन कभी नहीं किया। कोल्हापुर, देगलूर, पंढरपुर निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा ने पिछले दो-तीन वर्षों में हुए उपचुनाव में भी उम्मीदवार खड़े किए थे, इसलिए परंपरा को बनाए रखने का उनका दावा झूठा है।
शिंदे गुट ने इस चुनाव में केंद्र सरकार से हाथ मिला कर शिवसेना पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज करने का पाप भी किया था। लोगों को शिंदे समूह और भाजपा की साजिश पसंद नहीं आई, इसलिए उन्होंने अपनी जगह दिखाई। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया कि अंधेरी में जीत शिंदे समूह और भाजपा के लिए एक बड़ा सबक है और महाराष्ट्र में आगामी सभी चुनावों में उनकी हार का निर्धारण करेगी।


