THANE : ठाणे में पिछले 33 वर्षों में सिर्फ 900 लोगों ने किया अंगदान

ठाणे : अंगदान को महादान कहा गया है। वर्तमान समय में कई ऐसे व्यक्ति है जिन्हें किडनी। दिल सहित अन्य अंगो को आवश्यकता है। साथ ही हादसे में कई लोगों को समय पर अंग का हिस्सा न मिलने के कारण उन्हें अपनी जान गवानी पड़ती है। ऐसे में अंगदान से किसी व्यक्ति को नया जीवन मिलता है। लेकिन इसके बावजूद लोगों द्वारा अंगदान करने आगे आते नजर नहीं आ रहे है। ठाणे जिले में पिछले 33 वर्षों में केवल 900 लोगों ने अंगदान किया है।

अंगदान से डॉक्टर भी कतरा रहे
बता दें कि बीमारियों के चलते मानवी शरीर के अंग खराब हो जाते हैं। ऐसे में मरीजों की जान बचाने के लिए उन्हें दूसरे किसी व्यक्ति के अंग की आवश्यकता होती है। उचित समय पर अंग(पार्ट ऑफ बॉडी) मिल जाने से उस मरीज की जान बच सकती है। इसलिए सरकार की ओर से अंगदान के महत्व को लेकर जनता में जनजाति की जाती है। सरकार द्वारा अंगदान को लेकर की जा रही जनजगृति का कुछ खास असर देखने को नहीं मिल रहा है क्यों कि पिछले 33 वर्षों में केवल 900 लोगों ने ही अंगदान किया है। ठाणे सिविल अस्पताल के डॉ. प्रसन्न कुमार देशमुख ने बताया कि लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए, अंगदान के महत्व को समझने के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा सहमति फॉर्म भरा जाता है। मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम फॉर्म नं 5 को एकत्र कर राज्य मंडल अंग प्रत्यारोपण समन्वय समिति को सौंप दिया गया है। समय-समय पर कैंप लगाए जाते हैं। वहीं ये फॉर्म जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज में भी उपलब्ध हैं।
मृत्यु के बाद भी मनुष्य का दिल कई घंटो तक धड़कटा रहता है। ऐसे में शरीर का कई हिस्सा ऐसा है जिसे दान कर दूसरे की जान बचाई जा सकती है। ऐसे में भले आम लोगों में इसकी जागरूकता न होने के कारण वे इससे दूर नजर आ रहे है। लेकिन अस्पताल में काम करने वाले और मरीजों की जान बचाने वाले डॉक्टर भी अंगदान के लिए आगे आते नजर नहीं आ रहे है। मिली जानकारी के अनुसार अब तक 5 प्रतिशत डॉक्टरों ने भी अंगदान नहीं किया है।

इन अंगों को किया जा सकता है दान
अंगदान तीन प्रकार के होते हैं। ब्रेन डेड और जिंदा होने की स्थिति में ही अंगों का दान किया जा सकता है। मृत्यु के बाद कॉर्निया, हृदय वाल्व, त्वचा दान, हड्डी दान किया जा सकता है। जब ब्रेन डेड हो जाए तो रिश्तेदारों की सहमति से हृदय, यकृत, गुर्दे, आंत, फेफड़े, अग्न्याशय जैसे अंग दान किए जा सकते हैं। एक जीवित व्यक्ति दो में से एक किडनी दान कर सकता है। यकृत, फेफड़े या आंतों का एक हिस्सा दान दे सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *