
आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण की सुविधा पर सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय
न्यायालय ने संविधान के 103 वे संशोधन अधिनियम 2019 की वैधता को बरकरार रखा
ठाणे : सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय की खुशी में सोमवार को ठाणे शहर में व्यापक जश्न मनाया गया। महाराणा प्रताप क्षत्रिय महासंघ के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम के दौरान जहां सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का तहे दिल से स्वागत किया गया तो वही केंद्र सरकार की भूमिका की भी सराहना की गई।विदित हो कि सर्वोच्च न्यायालय ने संविधान के 103 वे संशोधन अधिनियम 2019 की वैधता को बरकरार रखा है।
उक्त अधिनियम के द्वारा सामान्य वर्गों को आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण की सुविधा दी गई थी । इसको लेकर सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देने के बाद इसका अंतिम फैसला आया। न्यायालय ने संविधान संशोधन अधिनियम को वैध करार दिया। उच्चतम न्यायालय के इस ऐतिहासिक फैसले की खुशी में महाराणा प्रताप क्षत्रिय महासंघ के अध्यक्ष एडवोकेट धनंजय सिंह सिसोदिया की अगुवाई में ढोल, ताशे, गाजे-बाजे के साथ खुशियां मनाई गई। जिसमें बड़ी संख्या में अन्य अधिवक्ता, सामान्य नागरिक और बुद्धिजीवी भी शामिल हुए । आयोजित जश्न में एडवोकेट अमित सिंह, के पी मिश्रा, राजेंद्र देशमुख, आनंद सिंह, संजय सिंह, सोनू सिंह सुरीला, तुषार नाईक, शुभम त्रिपाठी, विनोद कुमार गुप्ता, नागेश मौर्या, संजय विश्वकर्मा, प्रमोद तिवारी, नरेश घई, सुशील पुरोहित, प्रमोद चौहान और हरीश उद्यावर के साथ सैकड़ों की संख्या में ठाणे के नागरिक शामिल हुए।
एडवोकेट धनंजय सिंह सिसोदिया ने कहा कि सामान्य वर्ग को 10% आरक्षण दिए जाने को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का जो फैसला आया है, वह हर स्तर पर स्वागत योग्य है। इस निर्णय का राष्ट्रीय स्तर पर स्वागत और सम्मान किया जा रहा है। इसके साथ ही इस निर्णय में केंद्र सरकार की भी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है। केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष अपना सशक्त पक्ष रखा। जिसे मान्य करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने संविधान संशोधन के अधिनियम के तहत दिए गए 10% आरक्षण सामान्य वर्गों को बरकरार रखा। उसी की खुशी में आज ठाणे शहर में जश्न मनाया गया।


