तेल अवीव : (Tel Aviv) इजराइल के शुक्रवार सुबह के हवाई हमले में नष्ट ईरान के परमाणु सुविधा केंद्र (destruction of Iran’s nuclear facility), उसके परमाणु वैज्ञानिकों और सैन्य कमांडरों की मौत पर तीखी प्रतिक्रिया हुई है। प्रतिशोध की आग में झुलस रहे ईरान ने कुछ घंटे बाद इजराइल पर 100 से अधिक ड्रोन दागकर तबाही मचाने की कोशिश की।
अमेरिका के सीबीएस न्यूज चैनल (America’s CBS News channel) की खबर के अनुसार, इजराइल के डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने स्वीकार किया है कि इजरायल पर ईरान ने ड्रोन हमला किया है। आईडीएफ ने कहा कि ईरान ने यह हमला उसकी सैन्य कार्रवाई के कुछ घंटे बाद किया। इजराइल ने ईरानी परमाणु सुविधाओं, वैज्ञानिकों और वरिष्ठ सैन्य कमांडरों को निशाना बनाकर नींद उड़ा दी है ।
आईडीएफ प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन (IDF spokesman Brigadier General Efi Defrin) ने टेलीविजन पर कहा कि इजराइल की हवाई सुरक्षा प्रणाली ईरानी खतरों को रोकने के लिए काम कर रही है। इसके बाद एक इजराइली सैन्य अधिकारी ने कहा कि खतरा खत्म नहीं हुआ है, लेकिन इजराइल ने ईरान के कई यूएवी को रोकने में कामयाबी हासिल की है। डेफ्रिन ने कहा कि आईडीएफ ने ईरान की हवाई सुरक्षा को नष्ट कर दिया। उसके शीर्ष कमांडरों को मार गिराया। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस सैन्य कार्रवाई को ऑपरेशन राइजिंग लायन नाम दिया है।
नाटो महासचिव मार्क रूटे (NATO Secretary General Mark Rutte) ने स्वीडन में संवाददाताओं से कहा, “यह इजराइल की एकतरफा कार्रवाई थी। इसलिए मुझे लगता है कि संयुक्त राज्य अमेरिका सहित कई सहयोगियों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे तनाव कम करने के लिए काम करें।” रूटे ने कहा कि उनका मानना है कि यह क्षेत्र संभावित परमाणु संघर्ष के “निकट” नहीं है।


