
ताल्लिन्न : (Tallinn) एस्टोनिया में भारत के राजदूत आशीष सिन्हा ने (India’s Ambassador to Estonia, Ashish Sinha) कहा है कि भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) (India-European Union) मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement) लागू होने के बाद एस्टोनिया भारतीय कारोबार के लिए उत्तरी यूरोप का प्रमुख प्रवेशद्वार बन सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंध और डिजिटल सहयोग भविष्य में नई आर्थिक संभावनाएं खोलेंगे।
‘पीटीआई-भाषा’ (PTI-Bhasha) से बातचीत में सिन्हा ने कहा कि भारत और एस्टोनिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार मजबूत हो रहा है। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच वस्तु व्यापार 13.93 करोड़ यूरो और सेवा व्यापार 6.64 करोड़ यूरो रहा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित भारत-ईयू एफटीए (India-EU FTA) लागू होने के बाद छोटे और मझोले उद्योगों के बीच साझेदारी बढ़ेगी तथा एस्टोनिया के डेयरी और कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में नई पहुंच मिलेगी।
भारतीय राजदूत (Indian Ambassador) ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ ने 27 जनवरी 2026 को एफटीए वार्ता पूरी करने की घोषणा की थी। इस समझौते के तहत भारत के 93 प्रतिशत निर्यात को 27 देशों वाले यूरोपीय संघ में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलने की संभावना है, जबकि यूरोप से लक्जरी कार और शराब का आयात सस्ता हो सकता है।
1000 भारतीयों ने पंजीकृत कराईं कंपनियां
सिन्हा ने एस्टोनिया की ई-रेजिडेंसी योजना (Estonia’s e-Residency program) को भी दोनों देशों के सहयोग का बड़ा माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि करीब 5,000 भारतीय इस डिजिटल कार्यक्रम से जुड़े हैं और इनमें से 1,000 से अधिक भारतीयों ने एस्टोनिया में अपनी कंपनियां पंजीकृत कराई हैं। यह पहल विदेशी नागरिकों को ऑनलाइन डिजिटल पहचान उपलब्ध कराती है।
13 लाख की आबादी वाला देश है एस्टोनिया
उन्होंने कहा कि डिजिटल टेक्नोलॉजी, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम मेधा (एआई) और सॉफ्टवेयर सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भारत और एस्टोनिया के बीच व्यापक संभावनाएं हैं। 13 लाख की आबादी वाला एस्टोनिया भले छोटा देश हो, लेकिन ईयू सदस्य होने के कारण यह भारतीय कंपनियों को बड़े यूरोपीय बाजार तक पहुंच देने में अहम भूमिका निभा सकता है।


