
नई दिल्ली : (New Delhi) कांग्रेस ने पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस (prices of petrol, diesel, cooking gas) और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाये। पार्टी के अनुसंधान विभाग के अध्यक्ष राजीव गौड़ा (Rajiv Gowda) और पार्टी प्रवक्ता एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी डॉली शर्मा (Dolly Sharma) ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम लोगों का घरेलू बजट बिगड़ गया है जबकि सरकार जनता को राहत देने की बजाय और मुश्किल में डाल रही है।
पार्टी मुख्यालय में यहां शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में राजीव गौड़ा ने कहा कि आज देश की जनता यह देख रही है कि पहले कौन शतक लगाएगा, पेट्रोल की कीमत या रुपया-डॉलर विनिमय दर। सरकार ने केवल एक सप्ताह में पेट्रोल के दाम पांच रुपये तक बढ़ाकर आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है, जब लोग पहले से आर्थिक दबाव झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (United Progressive Alliance) (UPA) सरकार के समय कच्चे तेल की कीमत 140 डॉलर प्रति बैरल से अधिक पहुंच गई थी, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह (Prime Minister, Dr. Manmohan Singh) की सरकार ने सब्सिडी देकर जनता को राहत दी थी। इसके विपरीत मोदी सरकार ने 2014 के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटने का लाभ जनता तक नहीं पहुंचाया और अब कीमत बढ़ने पर पूरा बोझ नागरिकों पर डाला जा रहा है।
राजीव गौड़ा (Rajiv Gowda) ने आरोप लगाया कि सरकार तेल कीमतों से होने वाली अतिरिक्त कमाई का उपयोग अपने वित्तीय प्रबंधन के लिए करती रही है। भारतीय रिजर्व बैंक और सार्वजनिक उपक्रमों से मिलने वाले लाभांश की तरह पेट्रोलियम क्षेत्र से प्राप्त राजस्व का उपयोग भी सरकार अपनी आर्थिक स्थिति संभालने में कर रही है।
देश आयातित कच्चे तेल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस पर पहले से अधिक निर्भर हो गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (Gujarat State Petroleum Corporation) (GSPC) ने कृष्णा-गोदावरी बेसिन में देश का सबसे बड़ा गैस भंडार मिलने का दावा किया था और नरेन्द्र मोदी ने तब कहा था कि इससे भारत ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन जाएगा। बाद में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की कई रिपोर्टों में इसे 20 हजार करोड़ रुपये का घोटाला बताया गया, जिसे बाद में ओएनजीसी में विलय के जरिए दबा दिया गया।
उन्होंने कहा कि उर्वरकों की बढ़ती कीमतों का बोझ भी किसानों पर पड़ रहा है। यदि सरकार के पास पर्याप्त तेल और गैस भंडार हैं, जैसा कि प्रधानमंत्री और पेट्रोलियम मंत्री दावा कर रहे हैं, तो फिर ईंधन कीमतें क्यों बढ़ाई जा रही हैं। सरकार को इस मूल्य वृद्धि का भार स्वयं वहन करना चाहिए और जनता पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालना चाहिए।
पत्रकार वार्ता में डॉली शर्मा ने कहा कि देश में हर सुबह लोग पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ी कीमतों की खबर के साथ उठते हैं। कांग्रेस सरकारों ने हमेशा जनता को राहत देने का प्रयास किया, लेकिन मौजूदा समय में आम लोगों पर लगातार आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आज 100 रुपये में सामान्य नाश्ता तक संभव नहीं है। जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें कम थीं, तब भी देश में पेट्रोल-डीजल के दाम कम नहीं किए गए और तेल कंपनियों ने भारी मुनाफा कमाया। उन्होंने कहा कि जनता को इसका लाभ नहीं मिला।
डॉली शर्मा ने कहा कि नेपाल जैसे देश पेट्रोल और डीजल सस्ता कर रहे हैं, जबकि भारत में लगातार कीमतें बढ़ रही हैं। प्रवासी मजदूर, निर्माण श्रमिक और दिहाड़ी कामगार घर से काम नहीं कर सकते, लेकिन उन्हें महंगे गैस सिलेंडर और महंगी रोजमर्रा की वस्तुओं का बोझ झेलना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट महंगा होने से दूध, आटा, चावल, दाल, खाद्य तेल और सब्जियों सहित लगभग सभी जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ गई हैं। दूध की कीमत में तीन प्रतिशत, आटा और चावल में 12.5 प्रतिशत, तुअर दाल में 15 प्रतिशत तथा सब्जियों में 10 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
डॉली शर्मा ने कहा कि देश में टैक्सी, ऑटो और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोग हड़ताल कर रहे हैं। घरों का बजट बिगड़ गया है और लोगों पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उस परिवार से बात की, जहां परिवार पर 11 लाख रुपये का कर्ज होने की जानकारी सामने आई। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं और छात्रों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं है।
डॉली शर्मा (Dolly Sharma) ने कहा कि सरकार ने उद्योगपतियों के हजारों करोड़ रुपये के ऋण माफ कर दिए, लेकिन आम जनता की सब्सिडी समाप्त कर दी। बढ़ती महंगाई से मध्यम वर्ग, श्रमिक और निम्न आय वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि बीते एक महीने में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी (petrol, diesel, CNG, and LPG) की कीमतों में कई बार वृद्धि की गई है। सबसे पहले 1 मई को वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर के दाम में 993 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 3,071.50 रुपये हो गई। इसके बाद 15 मई को पेट्रोल और डीजल के दाम में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई, जबकि उसी दिन सीएनजी भी दो रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हुई थी।
इसके बाद 18 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों (petrol and diesel prices) में लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई और सीएनजी के दाम में एक रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा हुआ। वहीं, शनिवार 23 मई को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि के बाद इसका दाम 99.51 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया, जबकि डीजल 91 पैसे महंगा होकर 92.49 रुपये प्रति लीटर हो गया।


