
नई दिल्ली : (New Delhi) बार काउंसिल ऑफ इंडिया (Bar Council of India) (BCI) ने ट्विशा शर्मा मौत मामले (death case of Twisha Sharma) में आरोपित पति समर्थ सिंह के वकालत के लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
बीसीआई अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य मनन कुमार मिश्रा (BCI Chairman and Rajya Sabha member Manan Kumar Mishra) ने शनिवार को यहां पत्रकारों से कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है। प्रारंभिक जांच और अभियोजन पक्ष तथा ट्विशा शर्मा के परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर ऐसा प्रतीत होता है कि समर्थ सिंह ने अपनी पत्नी की हत्या की है।
समर्थ सिंह (Samarth Singh) जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और फरार रहते हुए सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रहे हैं। मिश्रा ने कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद इस तरह का आचरण किसी भी सम्मानित नागरिक, खासकर एक वकील के लिए बिल्कुल अस्वीकार्य है। इसलिए बीसीआई ने तय किया कि ऐसे व्यक्ति को वकालत करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
उन्होंने बताया कि समर्थ सिंह को नोटिस जारी किया गया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मामले की सुनवाई अनुशासन समिति (Disciplinary Committee) करेगी। जांच रिपोर्ट और अदालत के फैसले के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी, लेकिन फिलहाल उन्हें वकालत करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
मिश्रा ने कहा कि समर्थ सिंह की मां पर भी गंभीर आरोप हैं। वह पूर्व जिला जज रह चुकी हैं। बीसीआई यह भी जांच कर रहा है कि सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने दोबारा अपना वकालत लाइसेंस सक्रिय कराया था या नहीं।


