
रामपुर : (Rampur) समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान (Samajwadi Party National General Secretary and former Cabinet Minister Azam Khan) को दो पैन कार्ड मामले में बड़ा कानूनी झटका लगा है। रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट (MP-MLA Court in Rampur) ने शनिवार को उनकी सजा सात साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी, जबकि बेटे अब्दुल्ला आजम खान (his son, Abdullah Azam Khan) की सात साल की सजा बरकरार रखी। अदालत ने जुर्माने की राशि भी बढ़ाते हुए आजम खान पर पांच लाख रुपये और अब्दुल्ला आजम पर साढ़े तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों फिलहाल जेल में बंद हैं।
मामला वर्ष 2019 में भाजपा विधायक आकाश सक्सेना (BJP MLA Akash Saxena) द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप था कि अब्दुल्ला आजम ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए अलग-अलग जन्मतिथि वाले दो पैन कार्ड बनवाए थे। नवंबर 2025 में ट्रायल कोर्ट ने पिता-पुत्र को सात-सात साल की सजा सुनाई थी। बाद में अभियोजन पक्ष ने सजा बढ़ाने की मांग की, जिसे एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट (MP-MLA Sessions Court) ने स्वीकार कर लिया। सरकारी पक्ष ने इसे संवैधानिक दस्तावेजों से छेड़छाड़ और धोखाधड़ी का गंभीर मामला बताया।


