नई दिल्ली : रेलवे में नौकरी दिलवाने के नाम पर साढ़े तीन करोड़ रुपये की ठगी करने वाली बुजुर्ग जोड़ी को आर्थिक अपराध शाखा (ईओडबल्यू) ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान पोन्नाला भास्कर (60) और एस उमा (61) के रूप में हुई है। आरोपी एस उमा पीडि़तों को झांसे में लेने के लिये नेताओं के साथ अपने फोटो दिखाया करती थी। जबकि पोन्नाला भास्कर पीडि़तों को रेलवे का फर्जी लेटर दिया करता था।
पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि आर्थिक अपराध शाखा को रेलवे में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ कई शिकायतें मिली थी। जिसमें आरोपी खुद को रेलवे बोर्ड के सदस्य बताया करते थे। आरोपी विश्वास दिलवाया करते थे कि वे ग्रुप सी और डी में नौकरी दिलवा सकते हैं। जिसके लिये वह लोगों से रुपये लेते थे। पीडि़त जब इनसे संपर्क करता था तब ये दोनों नेताओं आदि के साथ फोटो दिखाया करते थे।
पीड़ित को जब इनपर विश्वास हो जाता था तब वह इनको लाखों रुपये दे दिया करते थे। आरोपित भी पीडि़तों को फर्जी ऑफर लेटर और ज्वाइनिंग लेटर दे दिया करते थे। मगर जब पीड़ित दोनों लेटर लेकर रेलवे ऑफिस पहुंचते उनको बताया जाता कि रेलवे ने कोई नौकरी नहीं निकाली है और न ही विभाग की तरफ से ऑफर लेटर और ज्वाइनिंग लेटर दिया गया है। इस तरह से साढ़े तीन करोड़ रुपये की ठगी में 15 पीडि़त सामने आए।
शिकायत मिलने के बाद एक पुलिस टीम ने पीड़ितों से मुलाकात करके आरोपितों के बैंक खाते और मोबाइल फोन की डिटेल ली। जिसके बाद आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों से पूछताछ करने पर पता चला कि आरोपित भास्कर 12वीं पास है जबकि एस उमा सोशल वर्कर है। दोनों के साथ कुछ और भी साथी शामिल हैं जिनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।


