
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र के नासिक दुष्कर्म के छठवें मामले में शुक्रवार को जिला सत्र न्यायालय ने आरोपित अशोक खरात (Ashok Kharat) को तीन दिन तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। आरोपित अशोक खरात को इस मामले की छानबीन कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (Special Investigation Team) (SIT) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (video conferencing) (VC) के जरिए न्यायालय में पेश किया था।
सरकारी वकील ने बताया कि अशोक खरात को कनाडा कॉर्नर इलाके में स्थित ऑफिस में एक महिला को बेहोशी की दवा देकर, पेड़ा और दूसरी चीजें खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म मामले में न्यायालय में वीसी की माध्यम से पेश किया गया था। इस मामले में उन्होंने न्यायालय को बताया कि आरोपित पीडि़त महिला को उसके पिता की मौत का डर दिखा रहा था। वह पीडि़ता को पानी और खाना दे रहा था। इसकी जांच के लिए आरोपित की पुलिस कस्टडी जरुरी है। आरोपित के वकील ने इसका जोरदार विरोध करते हुए कहा कि अब तक छह इसी तरह के मामलों में एसआईटी इसी तरह का कारण बताकर कस्टडी मांगती रही है। एसआईटी को अब तक की जांच में इसका क्या जवाब नहीं मिला है? पुलिस कस्टडी (police custody) की कोई ज़रूरत नहीं है।
आरोपित के वकील ने पुलिस कस्टडी की मांग पर तंज कसते हुए कहा कि आरोपित को पुलिस कस्टडी में रखने एसआईटी को क्या मजा आ रहा है। लेकिन इसके बाद फिर से सरकारी वकील ने कहा कि हर मामले में पीडि़ता अलग -अलग है, इसलिए जांच होनी चाहिए। इसके लिए आरोपित की फिजिकल कस्टडी ज़रूरी है। इन सब दलीलों को सुनने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने आरोपित को तीन दिन तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।


