भारत-ब्रिटेन के बीच दिल्ली में आठ महीने के बाद एफटीए पर फिर शुरू होगी बातचीत
नई दिल्ली : (New Delhi) यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) (यूके) के व्यापार और वाणिज्य मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत को फिर से शुरू करने के लिए सोमवार को नई दिल्ली पहुंचे। भारत पहुंचने पर उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री से मुलाकात की। भारत-ब्रिटेन आठ महीने के अंतराल के बाद एफटीए पर बातचीत की शुरुआत फिर से करेंगे।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Union Commerce and Industry Minister Piyush Goyal) ने ‘एक्स‘ पोस्ट पर जारी बयान में कहा, “ब्रिटेन के व्यापार और वाणिज्य सचिव जोनाथन रेनॉल्ड्स से मिलकर और उनका अतुल्य भारत में स्वागत करके बहुत खुशी हुई। उन्होंने आगे लिखा है कि चर्चाओं से भरपूर एक दिन का बेसब्री से इंतजार है।” ब्रिटेन के व्यापार और व्यापार सचिव जोनाथन रेनॉल्ड्स और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के बीच एफटीए पर 15वें दौर की बातचीत ट्रंप के नए टैरिफ की छाया में होगी, जिसने दुनिया को अनिश्चितता में डाल दिया है।
उधर, यूके सरकार के एक बयान के अनुसार दोनों देशों के बीच एफटीए पर दो दिवसीय बातचीत का उद्देश्य एक आधुनिक आर्थिक सौदे पर चर्चा को आगे बढ़ाना है, जो द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को मजबूत करेगा। इसके साथ ही दोनों देशों के लिए आर्थिक विकास प्रदान करेगा। ब्रिटेन के व्यापार और वाणिज्य मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने कहा कि भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को मजबूत करेगा, दोनों देशों में आर्थिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देगा।
मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत
भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) पर बातचीत की शुरुआत 23 जनवरी, 2022 को शुरू हुई थी। दोनों देशों के बीच होने वाले समझौते से आर्थिक संबंध मजबूत होंगे। इस बातचीत के जरिए व्यापार को बढ़ावा देने, टैरिफ और निर्यात-निवेश को सरल बनाने का लक्ष्य है।
उल्लेखनीय है कि भारत और ब्रिटेन के बीच अबतक एफटीए पर दिसंबर 2023 तक 13 दौर की वार्ता पूरी हो चुकी है। इस दौरान दोनों देशों ने कई विषयों पर चर्चा की, जिसमें व्यापारिक सुविधाएं, निवेश, टेक्नोलॉजी, कृषि और सेवा क्षेत्र की नीतियां प्रमुख रूप से शामिल थीं। लेकिन 2024 में ब्रिटेन में आम चुनाव की वजह से वार्ता में एक ब्रेक आ गया था, जो अब फिर से शुरू होने जा रही है।


