नई दिल्ली : सर्जरी के जनक कहे जाने वाले सुश्रुत जयंती पर अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) में दो दर्जन लाइव सर्जरी की गई। सर्जरी के क्षेत्र में सुश्रुत के अमूल्य योगदान को दर्शाने के मकसद से आयोजित शल्यकॉन में 13 और 14 जुलाई को सेमिनार के माध्यम लाइव सर्जिकल प्रदर्शन किया गया। सत्र के पहले दिन, लेप्रोस्कोपिक सर्जरी और सामान्य सर्जिकल प्रक्रियाओं सहित 22 लाइव सर्जिकल प्रदर्शन किए गए। इससे प्रतिभागियों को लाइव सर्जिकल प्रदर्शन देखने और सीखने का मौका मिला। इसके अतिरिक्त, एक वैज्ञानिक सत्र ने शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों को अपने ज्ञान और अंतर्दृष्टि साझा करने के लिए एक मंच प्रदान किया।
एएआईएम (भारतीय संग्याहारक एसोसिएशन, वाराणसी) के सहयोग से आयोजित शल्य तंत्र और संग्याहरण पर राष्ट्रीय संगोष्ठी भी आयोजित की जा रही है जो 15 जुलाई तक जारी रहेगी। संगोष्ठी का उद्देश्य सुश्रुत के ज्ञान और प्रथाओं को बढ़ावा देना है। एआईआईए की निदेशक डॉ. तनुजा मनोज नेसारी ने बताया कि गणमान्य व्यक्तियों की दूरदर्शिता और संकाय सदस्यों के अतुलनीय प्रयास के कारण हमारा संस्थान सर्जरी के क्षेत्र में विजयी हुआ। इस कार्यक्रम में डॉ. देवपुजारी जयंत (अध्यक्ष, एनसीआईएसएम) उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि थे।
डॉ. दिलीप पुराणिक (अध्यक्ष, राष्ट्रीय शिक्षण मंडल, पुणे) और डॉ. मुकुल पटेल (कुलपति, गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जामनगर) इस कार्यक्रम के सम्मानित अतिथि थे।



