नई दिल्ली : (New Delhi) पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते और तनावपूर्ण हो गए हैं। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े कदम उठाए हैं, जिसमें पाकिस्तानियों के वीजा रद्द करना भी शामिल है। इसी क्रम में, भारत सरकार ने घोषणा की थी कि 27 अप्रैल से पाकिस्तानियों को जारी किए गए सभी वीजा रद्द माने जाएंगे, जबकि पाकिस्तानी नागरिकों को जारी मेडिकल वीजा 29 अप्रैल तक वैध होंगे।
29 अप्रैल तक भारत छोड़ने की अंतिम तिथि
पाकिस्तानी नागरिकों के लिए भारत छोड़ने की अंतिम तारीख 29 अप्रैल निर्धारित की गई है। इस तिथि तक अगर कोई पाकिस्तानी नागरिक भारत में रह जाता है तो उसे बड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है। भारतीय अधिकारियों के अनुसार, डेडलाइन के बाद पाकिस्तानियों को गिरफ्तार किया जाएगा और उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा। उन्हें तीन साल तक की जेल, तीन लाख रुपये का जुर्माना, या दोनों सजा का सामना करना पड़ सकता है।
आतंकी हमले के बाद सख्त कदम
भारत ने यह सख्त कदम पहलगाम आतंकी हमले के बाद उठाया था, जिसमें कम से कम 26 लोग मारे गए थे और कई लोग घायल हुए थे। इस हमले के बाद, भारत सरकार ने पाकिस्तान से आए सभी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए थे और उन्हें देश छोड़ने का आदेश दिया था।
गृह मंत्री की सख्त चेतावनी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से संपर्क किया और उन्हें आदेश दिया कि पाकिस्तानियों को निर्धारित समय सीमा से अधिक भारत में न रहने दिया जाए। SAARC वीजा धारकों को 26 अप्रैल तक और मेडिकल वीजा धारकों को 29 अप्रैल तक भारत छोड़ने का आदेश दिया गया था।
अब तक 531 पाकिस्तानियों ने छोड़ा भारत
24 अप्रैल से अब तक, 531 पाकिस्तानियों ने भारत छोड़ दिया है और वे अपने देश वापस लौट गए हैं। वहीं, 843 भारतीय नागरिक पाकिस्तान से भारत वापस आए हैं। रविवार को, 237 पाकिस्तानी नागरिक भारत से पाकिस्तान लौटे, जबकि 116 भारतीय नागरिक पाकिस्तान से वापस लौटे।
कानूनी दंड: 3 साल की सजा और जुर्माना
आव्रजन और विदेशी अधिनियम 2025 के तहत, अगर कोई पाकिस्तानी नागरिक निर्धारित समय से अधिक भारत में रुकता है, वीजा शर्तों का उल्लंघन करता है या प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करता है, तो उसे तीन साल तक की जेल या तीन लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।


