
नई दिल्ली : (New Delhi) दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) ने तीन दिन की देरी से केरल में गुरुवार को दस्तक दे दी। इसके असर से केरल के साथ-साथ तमिलनाडु और कर्नाटक (Tamil Nadu and Karnataka) में कुछ जगहों पर अगले सात दिनों तक भारी बारिश का पूर्वानुमान है। अगले दो-तीन दिन में यह पूरे गोवा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों के अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों में आगे बढ़ सकता है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) (IMD) के अनुसार मानसून ने तेजी से आगे बढ़ते हुए केरल के साथ-साथ लक्षद्वीप, माहे, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम तथा दक्षिण-पूर्व अरब सागर के बचे हुए हिस्सों और बंगाल की खाड़ी के कई इलाकों में भी मानसून आगे बढ़ चुका है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। इसके जल्द ही पूरे गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों, कर्नाटक और तमिलनाडु के बाकी हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य तथा उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों सहित पूर्वोत्तर राज्यों में पहुंचने के आसार हैं।
केरल में मानसून के आगमन के लिए पिछले दो दिनों से दक्षिण-पूर्व अरब सागर (Southeast Arabian Sea) में घने संवहनी बादलों की लगातार बढ़ोतरी देखी गई। निचले स्तरों पर पछुआ हवाओं की रफ्तार करीब 37-46 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के ऊपर पछुआ हवाओं की गहराई समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक फैली हुई है।
पिछले 48 घंटों में केरल के अधिकतर हिस्सों में व्यापक और कुछ जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई। पल्लुरूथी (एर्नाकुलम) में 9 सेमी, मट्टनचेरी (एर्नाकुलम) और कोच्चि आई.ए.एफ., चेरथला (अलापुझा) में 8 सेमी, वैकोम (कोट्टायम) में 7 सेमी, अलुवा, कुमारकम, नेय्याट्टिनकारा, पीरमाडे, कलामासेरी, कुरुदामनिल, वदावथुर, कोच्चि सी.आई.ए.एल. में 6 सेमी, थाइकॉटुस्सेरी, इडुक्की, तिरुवनंतपुरम, थोडुपुझा, मुन्नार और कन्नूर समेत कई इलाकों में 3-5 सेमी तक बारिश हुई। पलक्कड़, वायनाड, मलप्पुरम, कासरगोड और कोझिकोड के कई हिस्सों में 1-2 सेमी तक बारिश हुई।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) आमतौर पर एक जून को केरल पहुंचता है। पिछले वर्ष यानी 2025 में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 24 मई को केरल में दस्तक दी थी। इसके बाद दिल्ली में इसने 29 जून को दस्तक दी थी, जो सामान्य तिथि से 9 दिन पहले था।
केरल में दस्तक देने के डेढ़ महीने में यह पूरे देश को कवर कर लेता है। 17 सितंबर के आसपास राजस्थान के रास्ते वापसी शुरू करता है और 15 अक्टूबर तक पूरा हो जाता है। पिछले 10 साल में यह 7वीं बार है जब मानसून विलंब से आया हैै।


