
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र के पुणे ज़हरीली देशी शराब मामले में गुरुवार को पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (Pimpri-Chinchwad Municipal Corporation) की ओर आरोपित कर्नल विरखा सिंह के घर पर बुल्डोजर की कार्रवाई की जा रही है। इस मामले की छानबीन कर रही राज्य अपराध अन्वेषण विभाग (State Crime Investigation Department) (SID) की टीम ने इस मामले दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल दस आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, मामले की गहन छानबीन सीआईडी की टीम कर रही है।
पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम के सूत्रों ने आज बताया कि पुणे जहरीली देशी शराब मामले के आरोपित कर्नल विरसा सिंह को उनके अवैध मकान के संदर्भ में परसों नोटिस जारी किया गया था। लेकिन कर्नल विरसा सिंह ने अपने अवैध घर के संदर्भ में कोई सकारात्मक उत्तर नहीं दिया था। इसी वजह से आज पिंपरी चिंचवड़ में स्थित अवैध घर को तोडऩे की कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए पर्याप्त पुलिस सुरक्षा रखी गई है।
इस मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुणे जहरीली देशी शराब मामले (Pune toxic liquor case) में मेथेनॉल सप्लाई करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में दोनों आरोपितों की पहचान अरुण जगदीश चौबे और अभिषेक अरुण चौबे के रुप में की गई है। इन दोनों की भिवंडी में रेक्स इंटरनेशनल नामक कंपनी थी, जिस पर राज्य एफडीए विभाग (State FDA Department) ने छापा मारा था और हजारों लीटर बरामद किया था। अब तक की छानबीन में पता चला है कि अरुण चौबे और अभिषेक चौबे ने इस मामले के आरोपितों को मैथेनॉल बेचा था, जिसका इस्तेमाल करके ज़हरीली शराब बनाई थी। यही जहरीली शराब पीने से करीब 25 लोगों की मौत हो गई थी।


