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New Delhi : रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 6.9 फीसदी जीडीपी ग्रोथ का जताया अनुमान

New Delhi: Reserve Bank Projects 6.9% GDP Growth for FY 2026-27

आरबीआई ने कहा, चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत
नई दिल्ली : (New Delhi)
पश्चिम एशिया में जारी संकट और बढ़ते हुए वैश्विक तनाव के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) (RBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश की सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product) (GDP) ग्रोथ 6.9 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।

आरबीआई ने शुक्रवार को जारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 में कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद मजबूत बनी हुई है और मजबूत वृहद आर्थिक आधार चालू वित्त वर्ष 2026-27 में वृद्धि को सहारा देंगे। रिपोर्ट के मुताबिक ऊंची ऊर्जा कीमतों, आपूर्ति शृंखला में बाधाओं और वैश्विक बाजारों से आने वाली चुनौतियों के बावजूद कंपनियों एवं बैंकिंग क्षेत्र के मजबूत बही-खाते तथा सरकार का पूंजीगत व्यय पर जोर भारत की मजबूत वृद्धि गति के लिए अनुकूल है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अपनी मजबूत घरेलू बुनियादी ढांचे के दम पर भारत आर्थिक विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ता रहेगा।

आरबीआई रिपोर्ट (RBI report) में कहा गया है कि 2026 में भू-राजनीतिक जोखिम वैश्विक वृद्धि के लिए प्रमुख बाधा बनकर उभरा है। फरवरी के अंत में पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने का असर वैश्विक वृद्धि और मुद्रास्फीति के अनुमानों में दिख रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक मध्यम वैश्विक वृद्धि के परिदृश्य के बीच वित्त वर्ष 2026-27 में भारतीय अर्थव्यवस्था का दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है। हालांकि, पश्चिम एशिया में लंबा खिंचने वाला संघर्ष नकारात्मक जोखिम पैदा कर सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार भारत वित्त वर्ष 2025-26 में 7.6 फीसदी की वृद्धि दर से बढ़ते हुए प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बना रहा, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह वृद्धि दर 7.1 फीसदी थी। यह मजबूत घरेलू मांग, निरंतर निवेश, सक्रिय नीतिगत पहल और ठोस व्यापक आर्थिक आधार से समर्थित रही। इस रिपोर्ट में इसमें कहा गया कि प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ विभिन्न व्यापार समझौतों का क्रियान्वयन भारत की वृद्धि को और गति देगा।

इस रिपोर्ट में कहा गया कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव प्रमुख कच्चे माल, विशेषकर उर्वरकों की उपलब्धता और कीमतों पर दबाव डाल सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि वित्त वर्ष 2026-27 में कृषि क्षेत्र का परिदृश्य दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति एवं वितरण पर निर्भर करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक पर्याप्त खाद्यान्न भंडार, जलाशयों में पर्याप्त जल स्तर और स्थिर कृषि संभावनाओं से 2026-27 में मुद्रास्फीति के तय लक्ष्य के अनुरूप रहने की संभावना है, भले ही अल नीनो की स्थिति और सामान्य से अधिक गर्मी हो। केंद्र सरकार (Central Government) ने आरबीआई के साथ परामर्श से एक अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 की अवधि के लिए दो फीसदी घट-बढ़ के साथ महंगाई की दर (मुद्रास्फीति) के लिए चार फीसदी का लक्ष्य बरकरार रखा है।

रिजर्व बैंक की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आरबीआई केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (Central Bank Digital Currency) (CBDC) के परीक्षणात्मक उपयोग का विस्तार करने की योजना बना रहा है, ताकि इसे डीबीटी योजनाओं और घरेलू खुदरा क्षेत्र में नए उपयोगों तक पहुंचाया जा सके। इसके साथ ही वित्तीय परिसंपत्तियों के ‘टोकनाइजेशन’ और अधिक प्रतिभागियों को शामिल करने के लिए अतिरिक्त परीक्षणात्मक परियोजनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।


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