
नई दिल्ली : (New Delhi) ब्यूटी एंड पर्सनल केयर सेगमेंट (beauty and personal care segment) के लिए काम करने वाली कंपनी रिकोड स्टूडियोज (Recode Studios) का 44.59 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में सात मई (IPO can be placed until May 7) तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद आठ मई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 11 मई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 12 मई को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म (BSE SME platform on May 12) पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 150 रुपये से लेकर 158 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड (price band ranging from ₹150 to ₹158 per share) तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 800 शेयर का है। रिकोड स्टूडियोज के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 1,600 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,52,800 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 28,22,400 शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें 23,58,400 नए शेयर और 3,19,200 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं। इसके अलावा 1,44,800 नए शेयर मार्केट मेकर के लिए रिजर्व रखे गए हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) (Qualified Institutional Buyers) के लिए 47.36 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.22 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) (Non-Institutional Investors) के लिए 14.29 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.13 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए सेरेन कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड (Seren Capital Private Limited) को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि मुद्रा आरटीए वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं, असनानी स्टॉक ब्रोकर प्राइवेट लिमिटेड (Asnani Stock Broker Private Limited) कंपनी का मार्केट मेकर है।
रिकोड स्टूडियोज (Recode Studios) की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मामूली उतार चढ़ाव के बावजूद लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 69 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 27 लाख रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 3.30 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 9.06 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 22.44 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 36.93 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 47.94 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 57.45 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 3.79 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 7.85 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में कम होकर 7.56 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष में कंपनी पूरी तरह से कर्ज मुक्त हो गई।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 5.19 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 5.46 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 8.76 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 9.70 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी के नेटवर्थ की बात करें तो इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 5.20 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 5.47 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 8.77 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 17.84 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी का ईबीआईटीडीए (EBITDA) (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 1.44 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 1.67 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 6.13 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 13.34 करोड़ रुपये के स्तर पर था।


