
नई दिल्ली : (New Delhi) प्राइम ऑफिस स्पेस मार्केटिंग के काम में लगी कंपनी बागमाने प्राइम ऑफिस (IPO of Bagmane Prime Office REIT) आरईआईटी का 3,405 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया (launched today for subscription) गया। इस आईपीओ में 7 मई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 12 मई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 13 मई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर (allotted shares will be credited to investors’ Demat accounts on May 13) दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 15 मई को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 95 रुपये से लेकर 100 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है। इस आईपीओ के तहत कुल 34.05 करोड़ शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें 23.90 करोड़ नए शेयर और 10.15 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं। इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) (Qualified Institutional Buyers) के लिए अधिकतम 75 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) (Non-Institutional Investors) के लिए न्यूनतम 25 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
बागमाने प्राइम ऑफिस आरईआईटी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) (Draft Red Herring Prospectus) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 809.36 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 897.10 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 829.02 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 2,237.33 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2,390.88 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 1,959.79 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।
एसेट की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी के एसेट में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 6,816.04 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 7,238.48 करोड़ रुपये हो गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी का एसेट 7,624.82 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।


