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New Delhi : क्यू-लाइन बायोटेक की स्टॉक मार्केट में धमाकेदार शुरुआत, मुनाफे में आईपीओ निवेशक

New Delhi: Q-Line Biotech Makes a Spectacular Stock Market Debut; IPO Investors in the Green

नई दिल्ली : (New Delhi) हेल्थकेयर सेक्टर में डायग्नोस्टिक इक्विपमेंट्स का निर्माण करने वाली कंपनी क्यू-लाइन बायोटेक (Q-Line Biotech) ने आज स्टॉक मार्केट में धमाकेदार एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 343 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म (NSE SME platform) पर इसकी लिस्टिंग 32 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 452 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद शेयरों की खरीद-बिक्री शुरू हो गई।

खरीदारी का सपोर्ट मिलने पर ये शेयर 460 रुपये तक उछला, वहीं बिक्री का दबाव बनने पर ये लुढ़क कर 431 रुपये के स्तर तक भी आया। बाजार में लगातार जारी लिवाली और बिकवाली के बीच दोपहर 12 बजे तक का कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 446.80 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों (IPO investors) को प्रति शेयर 103.80 रुपये यानी 30.26 प्रतिशत का फायदा हो गया था।

क्यू-लाइन बायोटेक का 214.48 करोड़ रुपये का आईपीओ 21 से 25 मई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जोरदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 102.42 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (Qualified Institutional Buyers) (QIBs) के लिए रिजर्व पोर्शन 123.94 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (Non-Institutional Investors) (NIIs) के लिए रिजर्व पोर्शन में 145.98 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 71.44 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 62,53,200 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (Draft Red Herring Prospectus) (DRHP) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में मामूली उतार चढ़ाव के बावजूद मजबूत रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 32.10 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 34.44 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में फिसल कर 28.13 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 38.69 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 184.81 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 206.45 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 322.58 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 236.50 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी के कर्ज में लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 73.65 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 96.91 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 164.95 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 243.85 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 125.79 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 160.24 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 188.37 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 212.89 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) 2022-23 में 32.98 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में 37.63 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 71.32 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 64.23 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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