नई दिल्ली : दिल्ली हाई कोर्ट ने गोरखपुर में कथित तौर पर पुलिस की ओर से कानपुर के एक कारोबारी मनीष गुप्ता की पीटकर हत्या करने के मामले में ट्रायल कोर्ट की ओर से एक पुलिसकर्मी जगत नारायण सिंह के खिलाफ हत्या का आरोप तय करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस जसमीत सिंह की बेंच ने कहा कि ट्रायल कोर्ट का आदेश सही है और इसमें हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 9 जनवरी को इस मामले के छह आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 323 और 34 के तहत आरोप तय किए थे। ट्रायल कोर्ट ने हत्या की धारा 302 के तहत केवल आरोपित और थाना प्रभारी जगत नारायण सिंह के खिलाफ ही आरोप तय किया था।
11 मार्च, 2022 को कोर्ट ने सीबीआई की ओर से पेश चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। इस मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपित पुलिसकर्मियों थाना प्रभारी जगत नारायण सिंह, दारोगा अक्षय कुमार मिश्रा, विजय यादव, राहुल दुबे, कमलेश सिंह यादव और प्रशांत कुमार को तिहाड़ शिफ्ट करने का निर्देश दिया था।
गौरतलब है कि कानपुर के रहने वाले कारोबारी मनीष गुप्ता 27 सितंबर, 2021 की सुबह आठ बजे गोरखपुर अपने दो दोस्तों हरवीर और प्रदीप के साथ घूमने गए थे। तीनों गोरखपुर के रामगढ़ताल में एक होटल में ठहरे थे। 27 सितंबर, 2021 की रात ही छह पुलिसवाले आधी रात के बाद होटल में चेकिंग करने पहुंच गए थे। कमरे की तलाशी लेने पर मनीष ने आपत्ति जताई तो पुलिसकर्मियों से उनका विवाद हो गया। आरोप है कि पुलिस वालों ने उनकी पिटाई कर दी, जिससे उनकी मौत हो गई। इस मामले में रामगढ़ताल थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष सहित छह पुलिसकर्मी गिरफ्तार किए गए थे।



