नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में सजा काट रहे सजायाफ्ता विकास यादव की रिहाई की मांग पर सुनवाई के लिए यह केस तीन जजों की बेंच के पास रेफर कर दिया है। जस्टिस अनिरुद्ध बोस की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी।
कोर्ट ने कहा कि चूंकि विकास यादव को सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने 25 साल की सजा सुनाई थी। ऐसे में उसकी याचिका पर तीन जजों की बेंच सुनवाई कर सकती है। आज सुनवाई के दौरान यूपी सरकार, दिल्ली सरकार और पीड़िता नीलम कटारा की ओर से विकास यादव की याचिका का विरोध करते हुए कहा गया कि अनुच्छेद 32 के तहत विकास यादव सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दाखिल नहीं कर सकते।
यूपी सरकार की ओर से पेश वकील ऐश्वर्या भाटी ने विरोध करते हुए कहा कि ये याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। विकास यादव की ओर से कहा गया कि वो 22 साल से जेल में है और उसे 25 साल की सजा हुई है। कोर्ट ने इस मामले में नीलम कटारा को भी मामले में पक्षकार बनने की इजाजत दी है।


