
नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कनाडा की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा संपन्न की, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय आर्थिक जुड़ाव को गहरा करना और भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (Canada Comprehensive Economic Partnership Agreement) (CEPA) के लिए वार्ताओं में तेजी लाना था।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि गोयल ने कनाडा में अब तक के सबसे बड़े भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, जिसमें 100 से अधिक भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने टोरंटो और ओटावा (Toronto and Ottawa) में नीति-निर्माताओं, निवेशकों, व्यापारिक नेताओं, शिक्षाविदों और भारत-कनाडाई समुदाय के सदस्यों के साथ उच्चस्तरीय बैठकों की एक शृंखला आयोजित की।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य व्यापार, प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, नवाचार और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्रों में सहयोग को सुदृढ़ करना था। इस दौरान भारत और कनाडा ने 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने की भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, जो अभी यह व्यापार 8.5 अरब डॉलर का है।
वाणिज्य मंत्री की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सीईपीए के लिए चल रही बातचीत को तेज करना और प्रौद्योगिकी, विनिर्माण तथा स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्रों में संबंधों को मज़बूत बनाना था। गोयल ने निवेश और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए शिक्षाविदों, ओंटारियो के प्रीमियर और व्यापार जगत के नेताओं के साथ चर्चा की।
गोयल ने इस यात्रा के दौरान टोरंटो में शिक्षा जगत, नवाचार, सरकार, व्यापार परिषदों, संस्थागत निवेशकों और भारतीय प्रवासी समुदायों के साथ कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली बैठकें कीं। इन बैठकों ने भारत-कनाडा आर्थिक साझेदारी (Canada economic partnership) में बनी निरंतर गति को और सुदृढ़ किया और निवेश, तकनीकी सहयोग तथा दीर्घकालिक साझेदारियों के लिए एक प्रमुख वैश्विक गंतव्य के रूप में भारत के उभरने को रेखांकित किया।


