
नई दिल्ली : (New Delhi) उत्तराखंड में 2022 के चर्चित अंकिता भंडारी मामले (Ankita Bhandari case in Uttarakhand) में नाम जुड़ने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता दुष्यंत गौतम (leader Dushyant Gautam) ने दिल्ली उच्च न्यायालय में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (BJP) के खिलाफ दो करोड़ के हर्जाना काे लेकरमानहानि याचिका दायर की है। दुष्यंत गौतम की मानहानि याचिका पर उच्च न्यायालय मंगलवार काे सुनवाई करेगा।
दुष्यंत गौतम ने याचिका में कहा है कि 24 दिसंबर, 2025 को सोशल मीडिया पर उनकी मानहानि करने वाला वीडियो अपलोड किया गया, जो वायरल हो गया। इस वीडियो में झूठे तरीके से एक नैरेटिव तैयार करके दुष्यंत गौतम को उस घटना से जोड़कर बदनाम करने की कोशिश की गई। याचिका में कहा गया है कि इस मामले की जांच के दौरान जांच एजेंसियों ने कभी भी उनका नाम नहीं लिया। दुष्यंत गौतम ने याचिका दायर कर मांग की है कि अंकिता भंडारी मामले (Ankita Bhandari case) से उनका नाम जोड़े जाने वाले कंटेंट को हटाया जाए। दुष्यंत गौतम ने दो करोड़ के हर्जाने की भी मांग की है।याचिका में कहा गया है कि अंकिता भंडारी मामले चल रहा अभियान फेक न्यूज की श्रेणी में आता है। इस अभियान के जरिये राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है।
दरअसल, अंकिता भंडारी मामले में ताजा वीडियो को लेकर उत्तराखंड पुलिस ने उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के खिलाफ दुष्प्रचार का आरोप लगाते हुए कई एफआईआर दर्ज की है। सितंबर, 2022 में उत्तराखंड के एक रिजॉर्ट में 19 वर्षीया रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि अंकिता भंडारी पर रेस्टोरेंट के मालिक पुलकित आर्य (resort owner, Pulkit Arya) ने एक मेहमान के साथ यौन संबंध बनाने के लिए दबाव बनाया गया। पुलकित आर्य के पिता पूर्व भाजपा नेता थे। अंकिता भंडारी का शव एक नहर से बरामद किया गया था। ट्रायल कोर्ट ने पुलकित आर्य और दो अन्य को इस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर (Urmila Sanawar, wife of former BJP MLA Suresh Rathore) ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी पर भाजपा के बड़े नेता के साथ यौन संबंध बनाने का दबाव था। सनावर की वीडियो क्लिप में कहा गया है कि सुरेश राठौर ने ये सुना था कि भाजपा के वो बड़े नेता दुष्यंत गौतम थे। बाद में राठौर ने कहा कि वो वीडियो क्लिप एआई से तैयार की गई थी, जो भाजपा को बदनाम करने के लिए जारी की गई।


