
नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली विधान सभा के अध्यक्ष (Speaker of the Delhi Legislative Assembly) विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर समानता और सामाजिक न्याय के प्रबल समर्थक रहे। उन्होंने यह विचार आज दिल्ली विधान सभा परिसर में आयोजित डॉ. अंबेडकर (Dr. Ambedkar) की 136वीं जयंती के अवसर पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद व्यक्त किए।
बाबा साहेब की महान विरासत का उल्लेख करते हुए गुप्ता ने कहा कि डॉ. अंबेडकर भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पकार (principal architect of the Indian Constitution) थे। उन्होंने संविधान को एक अद्वितीय और दूरदर्शी दस्तावेज बताते हुए कहा कि यह आज भी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का मार्गदर्शन कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचार आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया, जिनमें महिला सफाई कर्मी भी शामिल थीं। उनकी उपस्थिति डॉ. अंबेडकर के प्रति समाज के सभी वर्गों में व्याप्त गहरे सम्मान और श्रद्धा को दर्शाती है। अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि अंबेडकर के आदर्श और दृष्टि आज भी एक समावेशी, न्यायपूर्ण और समानतापूर्ण समाज के निर्माण के लिए प्रेरणा प्रदान करते हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि शासन और सार्वजनिक जीवन (principles in governance and public life) में इन सिद्धांतों को आगे बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है।
विजेंद्र गुप्ता ने यह भी उल्लेख किया कि अंबेडकर की जयंती (Ambedkar’s birth anniversary) को उनके महान योगदान के सम्मान में राजपत्रित अवकाश घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत रत्न से सम्मानित अंबेडकर को समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए उनके अद्वितीय योगदान के लिए सदैव स्मरण किया जाएगा।


