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Mumbai : भांडुप-कल्याण परिमंडल में 13,448 घरों में लगे सौर ऊर्जा प्रकल्प

Mumbai: Solar Power Projects Installed in 13,448 Homes Across Bhandup-Kalyan Circles

मुंबई : (Mumbai) प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना (PM-Surya Ghar: Muft Bijli Yojana’) के तहत महाराष्ट्र में सौर ऊर्जा को लेकर नागरिकों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। महावितरण के भांडुप और कल्याण परिमंडल (Mahavitaran’s Bhandup and Kalyan circles) में मई 2026 तक कुल 13,448 घरों में सौर ऊर्जा प्रकल्प स्थापित किए जा चुके हैं। इस योजना का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य करना और अतिरिक्त बिजली बेचकर आय का अवसर उपलब्ध कराना है।

महाराष्ट्र देश में पहले स्थान पर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में महाराष्ट्र देशभर में पहले स्थान पर पहुंच गया है। राज्य में अब तक 1 लाख 8 हजार 327 सौर ऊर्जा प्रकल्प लगाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशों के बाद योजना को राज्यभर में तेजी से लागू किया जा रहा है।

पेण मंडल में सबसे अधिक लाभार्थी
महावितरण के अनुसार भांडुप परिमंडल में कुल 8,722 उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया है। इनमें ठाणे मंडल के 439, वाशी मंडल के 2,132 और पेण मंडल के सर्वाधिक 6,151 उपभोक्ता शामिल हैं। वहीं कल्याण परिमंडल में कुल 4,726 लाभार्थी हैं। इनमें कल्याण-1 मंडल के 606, कल्याण-2 मंडल के 876, पालघर मंडल के 1,364 तथा वसई मंडल के 1,880 उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ उठाया है।

केंद्र सरकार दे रही आकर्षक सब्सिडी
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को छत पर सौर ऊर्जा प्रकल्प लगाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जा रही है। योजना के अनुसार 1 किलोवाट क्षमता पर 30 हजार रुपये, 2 किलोवाट पर 60 हजार रुपये और 3 किलोवाट क्षमता तक 78 हजार रुपये की सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के खाते में जमा की जाती है।

अतिरिक्त बिजली बेचकर होगी आय
महावितरण के अनुसार 1 किलोवाट क्षमता वाला सौर ऊर्जा प्रकल्प प्रतिमाह लगभग 120 यूनिट बिजली उत्पादन करता है। जरूरत से अधिक बिजली बनने पर उपभोक्ता अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं। एक बार प्रकल्प स्थापित होने के बाद लगभग 25 वर्षों तक इसका लाभ मिलता है।

गरीब और कमजोर वर्ग के लिए “स्मार्ट योजना”
राज्य सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए विशेष “स्मार्ट योजना” (“Smart Scheme”) भी शुरू की है। इसके तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले और प्रतिमाह 100 यूनिट से कम बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को विशेष रियायत दी जा रही है। बीपीएल उपभोक्ताओं को 95 प्रतिशत छूट के बाद केवल 2,500 रुपये का योगदान देना होगा। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के पात्र उपभोक्ताओं को 90 प्रतिशत छूट के बाद 5,000 रुपये और सामान्य वर्ग के कमजोर उपभोक्ताओं को 80 प्रतिशत छूट के बाद केवल 10,000 रुपये का भुगतान करना होगा।

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