
ऑनलाइन शिक्षा और मुक्त विश्वविद्यालयों में योगदान को सराहा
प्रयागराज : (Prayagraj) देश के प्रख्यात शिक्षाविद और प्रयागराज की धरती से जुड़े प्रोफेसर नागेश्वर राव (Professor Nageshwar Rao) को भारत सरकार ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की कार्यकारी समिति (ईसी) का चेयरमैन नियुक्त (Chairman of the Executive Committee (EC) of the National Assessment and Accreditation Council) किया है। इस नियुक्ति पर देशभर के शिक्षाविदों और विश्वविद्यालय जगत में खुशी की लहर है। शिक्षाविदों ने इसे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (former Vice-Chancellor of the Uttar Pradesh Rajarshi Tandon) के कुलपति रह चुके प्रोफेसर नागेश्वर राव के साथ इग्नू में प्रतिकुलपति रहे प्रोफेसर सत्यकाम (Professor Satyakam) ने कहा कि उनकी नियुक्ति से प्रयागराज और मुक्त विश्वविद्यालयों का गौरव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा को मजबूत बनाने में प्रोफेसर राव की भूमिका ऐतिहासिक रही है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट प्रोफेसर राव को शिक्षण और प्रशासनिक क्षेत्र में 48 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने जुलाई 1978 से फरवरी 1985 तक इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कॉमर्स एवं बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग में अध्यापन किया। इसके बाद वह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन में भी महत्वपूर्ण पदों पर रहे। देश में सबसे कम उम्र में प्रोफेसर बनने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है।
प्रोफेसर राव ने उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) समेत कई केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों में कुलपति के रूप में कार्य किया। इग्नू में उनके कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय को नैक से ‘ए++’ ग्रेड मिला, जो किसी भी मुक्त विश्वविद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि मानी गई। उनके कार्यकाल में इग्नू 40 लाख से अधिक छात्रों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी ओपन यूनिवर्सिटी बनी रही।
कोविड काल में ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उनकी डिजिटल पहल पर इग्नू को नोडल एजेंसी (nodal agency for promoting online education) बनाया गया था। शोध और अकादमिक क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने आठ पुस्तकें लिखीं, 37 पीएचडी शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया और 180 शोध पत्र प्रकाशित किए।
प्रोफेसर राव को कॉमनवेल्थ ऑफ लर्निंग की ऑनरेरी फेलोशिप और उत्तर प्रदेश सरकार के ‘सरस्वती सम्मान’ (‘Saraswati Samman’) सहित कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। शिक्षाविदों का कहना है कि उनके नेतृत्व में नैक के जरिए देश के शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता और मूल्यांकन प्रणाली को नई दिशा मिलेगी।


