मुंबई : मुंबई की एक विशेष कोर्ट ने शुक्रवार को भगोड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के भतीजे और दो अन्य को सबूत के अभाव में बरी कर दिया। इन तीनों पर 2019 में रंगदारी मामले में कठोर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
मुंबई के बिल्डर, जिसका इलेक्ट्रॉनिक सामान आयात करने का भी व्यवसाय था, ने आरोप लगाया था कि उसके व्यापारिक साझेदार पर उसका 15 लाख रुपये बकाया हैं और जून 2019 में, उसे दाऊद इब्राहिम गिरोह के सदस्य फहीम मचमच के माध्यम से गैंगस्टर छोटा शकील की ओर से एक अंतरराष्ट्रीय कॉल प्राप्त हुई थी। इस फोन काल में कहा गया था कि यह पैसे अदा कर दें नहीं तो गंभीर परिणाम के लिए तैयारी रहें। इसके बाद बिल्डर के कार्यालय पर भी धमकी दी गई थी। बिल्डर ने यह मामला मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच में दर्ज करवाया था और इस मामले में गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के भतीजे मोहम्मद रिजवान शेख इब्राहिम कासकर, अहमदराजा वधारिया और अशफाक तौलियावाला को आरोपित बनाया गया था।
इस मामले की सुनवाई विशेष कोर्ट में विशेष न्यायाधीश बी डी शेल्के के समक्ष हुई। सरकारी वकील ने कहा कि इस मामले में तीनों आरोपितों ने इकबालिया बयान भी दिया था जिसके अनुसार दाऊद के भतीजे रिजवान और अन्य आरोपितों ने बिल्डर को बकाया राशि वापस करने की धमकी दी थी लेकिन न्यायाधीश ने कहा कि रंगदारी मांगने के पर्याप्त सबूत नहीं हैं, इसलिए तीनों को निर्दोष बरी किया जाता है। साथ ही इस मामले में वांछित आरोपित छोटा शकील और मचमच के खिलाफ एक अलग आरोप पत्र दायर करने का निर्देश दिया है।


