मुंबई: (Mumbai) जालना जिले में स्थित अंतरवाली सराटी में मराठा नेता मनोज जारांगे ने मराठा आरक्षण के लिए बुधवार से फिर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरु कर दिया है। जारांगे ने अब आरक्षण मिलने तक उनका अनशन जारी रखने का ऐलान किया है।
मनोज जारांगे ने जालना में पत्रकारों को बताया कि सरकार ने कहा था कि चंद दिनों में आरक्षण दे देंगे। मराठा आंदोलनकारियों पर दर्ज मामले दो दिन में वापस ले लिए जाएंगे। सरकार ने एक माह का समय मांगा गया था, जबकि सरकार को 40 दिन का वक्त दिया। इस दौरान सरकार ने कुछ नहीं किया। इसी वजह से वे फिर से भूख हड़ताल शुरू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब आरक्षण मिलेगा या फिर उनकी शवयात्रा निकलेगी। अब किसी भी कीमत पर वे अनशन खत्म नहीं करेंगे।
जारांगे ने कहा कि उनके समाज की हालत बहुत खराब हैं। सरकार ने वादा निभाया नहीं। इससे मराठा समाज के युवक आत्महत्या कर रहे हैं। जालना में जब उनके अनशन पर लाठीचार्ज किया गया था तो सरकार ने कहा था कि घायलों को आर्थिक मदद दी जाएगी, लेकिन अभी तक घायलों को कोई मदद नहीं मिली।
जारांगे ने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मराठा समाज को आरक्षण देने के पक्ष में हैं, लेकिन सरकार में ही कुछ लोग ऐसे हैं, जो मुख्यमंत्री को मराठा आरक्षण देने के लिए रोक रहे हैं। जारांगे ने कहा कि उनकी सीधी सी मांग है कि सरकार मराठा समाज को कुनबी जाति का प्रमाणपत्र दें, इसके बाद वे तत्काल अपना आंदोलन खत्म कर देंगे। जारांगे ने बताया कि मराठा आरक्षण के लिए राज्य के ज्यादातर गांवों में नेताओं के आने पर रोक लगा दी गई है। जारांगे ने कहा कि वे अब किसी के दरवाजे पर नहीं जाएंगे और कोई भी हमारे दरवाजे पर न आएं। जारांगे ने मराठा समाज को शांतिपूर्वक आंदोलन करने की अपील की है।


