
लखनऊ : (Lucknow) मंगलवार से करवट ले रहा मौसम बुधवार को दोपहर अचानक बदल गया। सूबे के कई जिलों में धूलभरी आंधी चली। लोगबाग आंधी से बचने की कोशिश कर पाते, इसी बीच पीछे से बरसात भी शुरू हो गई। इस दौरान अमेठी, मिर्जापुर, प्रतापगढ़ (Amethi, Mirzapur, and Pratapgarh) समेत कई जिलों मे ओलावृष्टि भी हुई। मौसम विभाग (Meteorological Department) ने सूबे के 58 जिलों में 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चलने का अलर्ट जारी किया था।
राज्य में बुधवार दोपहर बाद पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजधानी लखनऊ में दिन में ही अंधेरे में डूब गई। यहां धूलभरी आंधी के साथ बरसात भी हुई। कमोवेश यही स्थिति प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, रायबरेली, अमेठी, भदोही और जौनपुर में देखने को मिली। सुबह की तेज धूप और उमस के बाद अचानक घिरे काले बादलों ने दृश्यता घटाई और बरसात बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
पश्चिमी यूपी में गाजियाबाद से नोएडा तक सुबह-सुबह बादल और हल्की बारिश से सड़कें फिसलन भरी रहीं, जिससे दफ्तर और स्कूल जाने वालों को परेशानी हुई।
आंचलिक मौसम विज्ञान (Regional Meteorological Centre) केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह (Atul Kumar Singh) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण पूर्वी व पश्चिमी यूपी में गरज-चमक के साथ बारिश के संकेत हैं। विभाग ने 58 जिलों में वज्रपात व बारिश का अलर्ट और 32 जिलों में 40–50 किमी/घंटा की हवाओं की चेतावनी जारी की है। अगले 10 दिनों तक भीषण गर्मी से राहत की संभावना जताई गई है।
बांदा में 47.6°C पहुंचा अधिकतम पारा
उत्तर प्रदेश में बीते कुछ दिनों से गर्मी चरम पर थी। तीव्रता का अंदाजा इस बात से है कि एक दिन मंगलवार को बांदा में अधिकतम तापमान 47.6°C दर्ज हुआ, जो देश के सबसे गर्म शहरों में रहा। ऐसे में बुधवार का बदला मौसम आमजन के लिए बड़ी राहत बनकर आया। हालांकि, कुछ जगहों पर नुकसान भी सामने आया।
सड़कों और छतों पर जमी सफेद चादर
अमेठी में दोपहर बाद करीब 15 मिनट की ओलावृष्टि से सड़कों और छतों पर सफेद परत जम गई। जिले में चल रहे 400 से अधिक वैवाहिक कार्यक्रमों पर असर पड़ा—टेंट व सजावट को नुकसान हुआ और आयोजकों को दिक्कतें झेलनी पड़ीं। मीरजापुर के हलिया क्षेत्र में बुधवार को बरसात संग ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
मौसम बदला, पर किसान हुए मायूस
पूर्वांचल के मिर्जापुर के कई क्षेत्रों में दोपहर तक 42 डिग्री तापमान और लू के थपेड़ों से लोग बेहाल थे, लेकिन दोपहर बाद अचानक काले बादल छा गए और तेज बारिश के साथ ओले गिरने लगे। नदना और सगरा गांव में ओलावृष्टि इतनी तेज हुई कि खेत सफेद चादर से ढंक गए। उर्द और सब्जियों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया, लेकिन किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई।
जायद की फसलों को भारी नुकसान
बुधवार को जौनपुर के सिकरारा और केराकत सहित कई ग्रामीण इलाकों में दोपहर करीब 3:30 बजे तेज आंधी के साथ भारी ओलावृष्टि हुई, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिली लेकिन आम और जायद की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। ओलों के कारण टीन शेड और वाहनों को क्षति पहुंची है, और बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई है।


