जम्मू : डोगरी संस्था जम्मू और भारतीय संगीत संस्थान जम्मू ने राइटर्स क्लब के.एल. सहगल हॉल जम्मू में एक सादे लेकिन प्रभावशाली समारोह में शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन करके अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जिसमें प्रमुख शास्त्रीय संगीत गायिका डॉ. रोशी शामिनोत्रा और शास्त्रीय संगीत वादक पंडित विनोद लेले और प्रभात बाली ने तबले तथा शंकर वीणा पर डॉ. कमला शंकर ने संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
यहां यह कहना उल्लेखनीय होगा कि वाराणसी की रहने वाली डॉ. कमला शंकर शास्त्रीय संगीत में एक जाना-माना नाम हैं और उन्हें शंकर वीणा का आविष्कार करने का श्रेय प्राप्त है। वह 2009 में मध्य प्रदेश सरकार के प्रतिष्ठित कुमार गंधर्व राष्ट्रीय पुरस्कार और 2013 में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित हैं। दिल्ली के पंडित विनोद लेले आकाशवाणी और दूरदर्शन के शीर्ष ग्रेड कलाकार हैं।
उन्होंने बनारस घराने के पंडित काशीनाथ खांडेकर से प्रशिक्षण लिया है और प्रख्यात गायकों, वादकों के साथ तथा स्वतंत्र रूप में भी पूरे देश और विदेशों में भी प्रस्तुतियां दी हैं। जम्मू की रहने वाली और इंस्टीट्यूट ऑफ म्यूजिक एंड फाइन आर्ट्स जम्मू में संगीत शिक्षिका के रूप में कार्यरत डॉ. रोशी शमिनोत्रा शास्त्रीय संगीत, भजन और सुगम संगीत में आकाशवाणी की अप्रूव्ड गायिका हैं, जबकि जम्मू के प्रभात बाली गुरु परषोतम कुमार के शिष्य हैं। वह आकाशवाणी से बी-हाई अप्रूव्ड तबला वादक हैं और वर्तमान में इंस्टीट्यूट ऑफ म्यूजिक एंड फाइन आर्ट्स जम्मू में तबला विभाग में कार्यरत हैं।
भारतीय संगीत संस्थान के प्रबंध ट्रस्टी वी.के. संब्याल ने प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि डॉ. कमला शंकर और डॉ. रोशी शमिनोत्रा की शास्त्रीय संगीत प्रस्तुतियों के साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का यह एक आदर्श अवसर था। उन्होंने कहा कि उनकी संस्था भविष्य में भी इस क्षेत्र में ऐसे संगीत कार्यक्रम आयोजित कर शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देने का काम करती रहेगी।
डोगरी संस्था जम्मू के प्रधान प्रो. ललित मगोत्रा ने इस अवसर पर बोलते हुए शाम को यादगार बनाने के लिए कलाकारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शास्त्रीय संगीत हमारी विरासत है और हमें इसे संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने कलाकारों की भरपूर प्रशंसा की और कहा कि इस तरह के प्रेरक प्रदर्शन निश्चित रूप से दूसरों को भी इस दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर भी हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि ऐसी संगीतमय शाम ने इसे विशेष और यादगार बना दिया है। कार्यक्रम का संचालन राजकुमार बहुरुपिया ने किया। शास्त्रीय संगीत संध्या में बड़ी संख्या में संगीत प्रेमियों और संगीत क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भाग लिया।


