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Jaipur : मानसून की सक्रियता से बाड़मेर में मूसलाधार बारिश, मानसून से पहले ही 68 बांध ओवरफ्लो

जयपुर : राजस्थान में मानसून की सक्रियता के कारण उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर समेत कई शहरों में बीती रात से सुबह तक रुक-रुक कर अच्छी बारिश हुई। कोटा, अजमेर, जोधपुर, उदयपुर समेत कई शहरों में सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने दो जुलाई से राज्य में बारिश की गतिविधियां हल्की होने की संभावना जताई है। राजस्थान में इस बार मानसून आने से पहले बांधों में पानी आ गया। राज्य में मानसून के पूरी तरह से सक्रिय होने से पहले ही 68 बांध ओवरफ्लो हो गए, जिसमें 22 बड़े बांध है। इनकी क्षमता 4.25 मिलियन क्यूबिक मीटर से भी ज्यादा है। बीसलपुर, जवाई, गुढा, सरदारसमंद जैसे बड़े बांध जिनमें जुलाई मध्य में पानी की आवक शुरू होती उनमें भी इस सीजन मानसून से पहले पानी आ गया।

बाड़मेर के चौहटन में गुरुवार रात एक घंटे हुई मूसलाधार बारिश से कई कॉलोनियों में पानी भर गया। यहां की बांकलसर बस्ती और सुंदर नगर के घरों में पानी घुस गया। देर शाम बाद प्रदेश के अलवर और बीकानेर में करीब एक घंटे तक बारिश का दौर चला। बीकानेर में शाम करीब छह बजे तेज हवाएं चलीं और बाद में बारिश का दौर शुरू हआ। यहां के कोटगेट बाजार में तेज बहाव के साथ पानी सड़कों पर बहने लगा। सुंदर नगर में बहाव इतना तेज था कि यहां चार से पांच बाइक बह गईं। इस दौरान बारिश में स्कूटी पर निकले दो युवक भी पानी के साथ बहने लगे। जिले के सेड़वा उपखंड के रंगवाली गांव की सरहद पर बिजली गिरने से 50 बकरियों की मौत हो गई।

पिछले 24 घंटे में उदयपुर, बांसवाड़ा, बाड़मेर, राजसमंद समेत कई जगहों पर तेज बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश भीलवाड़ा के सहाड़ा में 106 मिलीमीटर हुई। इन जिलों के अलावा जयपुर, पाली, नागौर, कोटा, झालावाड़, जैसलमेर, डूंगरपुर, दौसा, चित्तौड़गढ़, अलवर, अजमेर, जोधपुर, सवाई माधोपुर, सिरोही और टोंक में भी कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। बीसलपुर बांध के कैचमेंट एरिया में कल भी बारिश होने के कारण बांध का जलस्तर बढ़ गया। लगातार बारिश के कारण राज्य के अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 30 से लेकर 35 डिग्री सेल्सियस के बीच आ गया। लम्बे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे बांसवाड़ा में भी बीती रात तेज बारिश हुई। बांसवाड़ा शहर, बागीडोरा, कुशलगढ़, सज्जननगर, दानपुर समेत अन्य कई जगहों पर 50 से लेकर 91 मिमी तक बरसात हुई। उदयपुर के ऋषभदेव में 91 मिलीमीटर बरसात हुई। ऋषभदेव के अलावा सराडा, सेमारी, झाडोल, नया गांव समेत कई जगहों पर 25 से लेकर 50 मिलीमीटर तक बरसात हुई।

जल संसाधन विभाग से जारी एक रिपोर्ट के अनुसार राज्य में कुल 690 बांध में से केवल तीन बांध ही फुल भरे थे। इसमें जयपुर का चंदलाई, शिवकी डूंगरी और उदयपुर का सोम पिकअप बांध है, जो मानसून से पहले तक भरे थे। लेकिन, बिपरजॉय तूफान और मानसून के बाद ये संख्या बढ़कर 74 हो गई। इसमें 52 छोटे बांध है, जिनकी भराव क्षमता 4.25 मिलियन क्यूबिक मीटर से कम है, जबकि 22 बड़े बांध है, जिनकी भराव क्षमता 4.25 मिलियन क्यूबिक मीटर से ज्यादा है। राजस्थान के 690 में से 285 बांध ऐसे है, जब अब भी पूरी तरह खाली पड़े है। जबकि 326 बांधों में पानी उपलब्ध है, लेकिन वो ओवरफ्लो नहीं हुए।

कालीसिंध नदी पर बने कालीसिंध बांध के गेट तो मानसून के आगमन के साथ ही खुल गया। इस बांध का एक गेट पिछले दो-तीन दिन से लगातार खुला है और यहां से 650 क्यूसेक पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। इसी तरह कोटा बैराज का भी एक गेट खोलकर पानी छोड़ा गया है। जवाहर सागर बांध का गेज भी लगभग फुल होने की स्थिति में है।

पाली, अजमेर, जयपुर, टोंक जिले के करीब एक करोड़ लोगों पीने के पानी की प्यास बीसलपुर, जवाई बांध से होती है। इन दो बांधों में भी जुलाई आखिरी या अगस्त से पानी की आवक शुरू होती है। इस बार इन दोनों बांधों में जून में पानी आ गया। बिपरजॉय तूफान से पहले जवाई बांध में केवल 25 फीसदी ही पानी था और जलस्तर 8.76 आरएल मीटर था, वह 13 दिन में 4.50 मीटर बढ़कर 13.21 से ऊपर आ गया, ये बांध के कुल भराव का करीब 48 फीसदी हो गया। इसी तरह बीसलपुर बांध में भी का गेज भी बिपरजॉय तूफान से पहले 312.80 आरएल मीटर था, जो बढ़कर अब 313.19 आरएल मीटर पर पहुंच गया।

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