-दुधारू पशुओं के लिए 30 हजार रुपये की सहायता
-बैल, ऊंट आदि पशुओं की सहायता राशि अलग, कुल 3207 पशुओं की मौत
गांधीनगर/अहमदाबाद : मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल की अध्यक्षता में सोमवार को गांधीनगर में हुई कैबिनेट बैठक में चक्रवाती तूफान से हुए नुकसान समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें पशुओं की मौत पर पशुपालकों को सहायता प्रदान करने का निर्णय किया गया। साथ ही किसानों को हुए नुकसान का आकलन कर उन्हें भी सहायता प्रदान करने का फैसला हुआ।
राज्य सरकार के प्रवक्ता मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि बिपरजॉय चक्रवाती तूफान के समय केन्द्र सरकार के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बेहतरीन कार्य कर विषम परिस्थिति से पार पाया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जीरो कैजुअल्टी को ध्यान में रखा था, जो संभव हो पाया है। चक्रवाती तूफान से खेती को हुए नुकसान के आकलन के लिए कृषि विभाग अलग-अलग टीम बनाकर प्राथमिक सर्वे कर रहा है।
चक्रवात के कारण कुल 3207 पशुओं की मौत हुई है। इसमें 171 गाय और 166 भैंस हैं। सरकार ने दुधारू पशुओं के लिए 30 हजार रुपये और बैल, ऊंट और अन्य पशुओं के लिए अलग से सहायता राशि देना तय किया है। इसके अलावा खेती में 53 हजार हेक्टेयर जमीन में नुकसान हुआ है। 14 हजार 887 फलदार वृक्ष नष्ट हुए। प्रभावित जिलों में 82 हजार हेक्टेयर जमीन में बागवानी पेड़-पौधे हैं, जिनमें 53 हजार हेक्टेयर जमीन में नुकसान हुआ है।
तूफान के कारण बिजली कंपनियों को 783 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कुल 6486 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। इनमें से 5753 गांवों में बिजली बहाल की जा चुकी है। इसके अलावा चक्रवात प्रभावित जिलों में अब तक 1 करोड़ 23 लाख और 82 हजार रुपये कैशडॉल चुकाया गया है। सरकार ने अभी तक 1129 पशुओं की मौत को लेकर उनके मालिकों को 1.62 करोड़ रुपये सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय किया है।


