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Dharamshala : कांगड़ा लोकसभा सीट से भी युवा चेहरे पर ही दांव खेलने के मूड़ में है कांग्रेस, आरएस बाली भी पंसद

धर्मशाला : कांगड़ा लोकसभा सीट से भाजपा जहां अपना प्रत्याशी घोषित कर चुकी है वहीं कांग्रेस अभी भी प्रत्याशी को लेकर असमंजस में है। भाजपा द्वारा इस सीट से ब्राहम्ण चेहरा उतारे जाने के बाद कांग्रेस भी कांगड़ा से ब्राहम्ण चेहरे पर ही दांव खेलने के मूड़ में है ताकि भाजपा प्रत्याशी को कड़ी चुनौती दे सके।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू मंडी और शिमला की तर्ज पर कांगड़ा सीट से युवा चेहरे को ही चुनावी रण में उतारने के पक्ष में हैं। हालांकि इससे पूर्व चम्बा से पूर्व मंत्री और कांग्रेस की तेजतर्रार नेता आशा कुमारी का नाम सबसे उपर चल रहा था लेकिन अब मंडी और शिमला की भांति कांगड़ा से भी युवा और ब्राहम्ण चेहरे को ही प्रत्याशी बनाए जाने पर चर्चा चल रही है। ऐसे में कांगड़ा से आरएस बाली का नाम भी पार्टी प्रत्याशी के रूप में सामने आया है।

इसके अलावा देहरा से विधानसभा चुनावों में पार्टी प्रत्याशी रहे डा. राजेश शर्मा का नाम भी चर्चा में चल रहा है। वह खुद भी दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। डा. राजेश शर्मा पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष भी हैं और पिछले लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं।

उधर आरएस बाली वैसे भी मुख्यमंत्री सुक्खू के खास सिपहसालारों में से एक हैं और यही बजह है कि प्रदेश सरकार में उन्हें कैबिनेट स्तर का दर्जा दिया गया है। इसके अलावा बाली को उतारने के पीछे चंबा जिला में मतदाताओं की संख्या कांगड़ा जिला के मुकाबले काफी कम होना भी बजह बताई जा रही है। चंबा जिला से महज तीन लाख वोटर हैं जिसके चलते आज तक सभी दलों ने कांगड़ा जिला से उम्मीदवार बनाने की पहल की है। कुल मिलाकर फिलहाल आशा कुमारी के नाम पेंच फंसता नजर आ रहा है और बाली को कांग्रेस की ओर से दमदार प्रत्याशी के रूप में देखा जा रहा है।

बाली युवा और तेजतर्रार नेता हैं और पहली बार विधायक बने हैं। बाली के ससुराल भी चम्बा जिला में हैं ऐसे में इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए बाली पार्टी की पंसद बन सकते हैं।

वहीं सूत्रों के मुताबिक आशा कुमारी का पार्टी में बड़ा कद होने के चलते कुछ नेता बतौर प्रत्याशी उनकी पैरवी कर रहे थे लेकिन फिलहाल मुख्यमंत्री की पंसद की बात की जाए तो बाली एक ऐसा चेहरा हैं जो पार्टी प्रत्याशी हो सकते हैं।

गौरतलब है कि कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से कांगड़ा जिला के 13 जबकि चंबा जिला की महज चार विधानसभा सीटें हैं। ऐसे में अभी तक भाजपा व कांग्रेस ने लोकसभा के लिए चंबा को दरकिनार कर कांगड़ा जिला से ही प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारे हैं। अब देखना होगा कि कांगे्रस इन तीनों चेहरों में से किस पर अपना दांव खेलती है।

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