धमतरी : भीषण गर्मी बुजुर्गों स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। अधिक आयु के लोग डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे है। गर्मी के कारण सभी आयु के लोग बीमार हाेकर अस्पताल पहुंच रहे है। गर्मी जनित बीमरियों से लोग ग्रसित होकर अनेक लोग प्रतिदिन जिला अस्पताल और अन्य अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। जिला अस्पताल के जनरल वार्ड के बिस्तर इन दिनों से मरीजों से भरे हुए हैं।
ग्रीष्म ऋतु में तेज धूप और गर्म हवाओं का बुरा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। मानसून आने में देरी और प्री मानसून की जून के 19 दिनों में सिर्फ एक बार वर्षा होने के कारण सूर्य देव कहर बरपा रहे है। प्रतिदिन आसमान से आग बरस रही है। दिन का अधिकमत तापमान 42 डिग्री सेल्सियस चल रहा है, परंतु प्री मानसून की वर्षा न होने के कारण वातावरण में 45 डिग्री सेल्सियस की गर्मी का अनुभव हो रहा है। यही वजह है कि लोग बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 400 से अधिक लोग ओपीडी में उपचार करवा रहे हैं।
लू का खतरा बढ़ा
तापमान का पारा चढ़ने के साथ लू का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से शरीर में पानी की कमी न होने देने की अपील की है। ज्यादा गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी या डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है।
ये हैं लू के लक्षण
सिर में भारीपन और दर्द का अनुभव होना, तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना, चक्कर और उल्टी आना, कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान अधिक होने के बावजूद पसीने का न आना, अधिक प्यास लगना, पेशाब कम आना, भूख न लगना और बेहोशी लू लगने के लक्षण हैं।
लू से बचाव के उपाय
लू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप और गर्मी में ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी और खनिज, मुख्यतः नमक की कमी होना है। इससे बचाव के लिए सावधानी रखना आवश्यक है। बहुत अनिवार्य न हो तो गर्मी में घर से बाहर न जाएं। धूप में निकलने से पहले सिर व कानों को कपड़े से अच्छी तरह से बांध लें। लू से बचने के लिए पानी अधिक मात्रा में पिएं। अधिक समय तक धूप में न रहें। गर्मियों में मुलायम सूती के कपड़े पहनना चाहिए ताकि हवा और कपड़े पसीने को सोखते रहें। अधिक पसीना आने पर ओआरएस का घोल पिएं। चक्कर या मितली आने पर छायादार स्थान पर आराम करें। शीतल पेयजल, जूस, लस्सी, मठा इत्यादि का सेवन करें।
डिहाइड्रेशन से बचाव आवश्यक
गर्मी बहुत अधिक है, इसलिए शरीर को अधिक पानी की आवश्यकता पड़ रही है। लोग बार-बार पीते रहे, ताकि डिहाइड्रेशन से बचाव हो सके। बुजुर्ग एवं बीमार लोग डिहाइड्रेशन का अधिक शिकार हो रहे है। ऐसे लोगों को प्रत्येक दो घंटे में पानी पिलाते रहे। पानी के अलावा भरपूर जल वाले फल जैसे संतरा, तरबूज, खरबूज भी खिला सकते हैं।
- डा संजय वानखेड़े, विशेषज्ञ जिला अस्पताल धमतरी


