spot_img

Dhamtari : गंगरेल बांध का नजारा देखने लग रही भीड़, लोगों ने लिया बोटिंग का मजा

धमतरी : चार दिनों तक लगातार हुई बारिश से गंगरेल बांध का नजारा अब खूबसूरत हो गया है। बारिश थमने के प्रथम रविवार दो जुलाई को सुबह से शाम तक गंगरेल बांध क्षेत्र सैलानियों से गुलजार रहा। वहीं बोटिंग का सैलानियों ने जमकर लुत्फ उठाया। दूसरी ओर मंदिर क्षेत्र में मां अंगारमोती की दर्शन करने श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। अब बाहरी व स्थानीय सैलानियों को बांध लबालब होने का इंतजार है। वर्षा ऋृतु में गंगरेल का नजारा देखने सैलानियों की भीड़ उमड़ेगी।

वर्षा ऋृतु शुरू होते ही गंगरेल बांध का नजारा खूबसूरत हो गया है। बांध व गार्डन क्षेत्र सैलानियों को आकर्षित कर रहा है। हालांकि बांध में पर्याप्त वर्षा नहीं होने के बाद भी संतोषप्रद जलभराव है, जो देखने लायक है। बारिश थमने के बाद प्रथम रविवार दो जुलाई को गंगरेल बांध क्षेत्र सुबह से शाम तक सैलानियों से गुलजार रहा। बांध क्षेत्र, बोटिंग और पर्यटन क्षेत्रों में धमतरी समेत अन्य जिलों से सैलानियों की भीड़ पहुंचे थे, जो गंगरेल बांध के खूबसूरत नजारों का लुत्फ उठा रहे थे। इसके अलावा गंगरेल बांध के प्रवेश द्वार पर निर्मित आकर्षक गार्डन, मानव वन व बांध किनारे सैलानी घूमते रहे। वहीं मां अंगारमोती मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। गंगरेल बांध में रायपुर, दुर्ग, भिलाई, कांकेर, बिलासपुर, रायगढ़ समेत अन्य जिलों से सैलानी पहुंचे थे। बाहर से पहुंचे ज्यादातर सैलानियों ने गंगरेल बांध में संचालित बोटिंग का जमकर लुत्फ उठाया। बोटिंग के लिए सैलानियों की कतारें लगी रही। फिलहाल गंगरेल बांध में ज्यादा जलभराव नहीं है इसलिए बांध में बोटिंग किया जा रहा है, लेकिन बांध में पानी बढ़ने के बाद बोटिंग बंद कर दिया जाता है।

बांध लबालब होने का इंतजार

पर्याप्त बारिश नहीं होने के बाद भी गंगरेल बांध में इन दिनों 18 टीएमसी से अधिक जलभराव है। इसमें से 13 टीएमसी पानी उपयोगी जल है। बारिश थमने के साथ बांध में पानी की आवक पूरी तरह से बंद हो चुका है। गंगरेल बांध में जलभराव का क्षमता 32.5 टीएमसी है। अभी बांध को भरने में समय लगेगा, क्योंकि बारिश फिलहाल थम गई है। गंगरेल बांध कांकेर जिले में अच्छी बारिश होने के बाद ही लबालब भरता है, ऐसे में सैलानियों को अब गंगरेल बांध भरने का इंतजार है। वहीं मुरूमसिल्ली बांध मरम्मत के नाम पर सूखा पड़ा है। दुधावा बांध में साढ़े छह टीएमसी जलभराव है, जो संतोषजनक पानी है। सोंढूर बांध में साढ़े चार टीएमसी जलभराव है।

Explore our articles