ढाका : (Dhaka) बांग्लादेश के राजशाही विश्वविद्यालय के कार्यवाहक रजिस्ट्रार प्रो. इफ्तिखारुल आलम मसूद (Prof. Iftikharul Alam Masood) के आवास के बाहर रात करीब एक बजे बम से हमला किया गया। यह शक्तिशाली देशी बम बताया जा रहा है। विस्फोट की आवाज काफी दूर तक सुनी गई। प्रो. मसूद राजशाही शहर के बिनोदपुर के मंडलेर मोड़ इलाके में रहते हैं। राजशाही विश्वविद्यालय बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा और दूसरा पुराना विश्वविद्यालय है। इसका मुख्य परिसर मोतिहार में है। मुख्य परिसर राजशाही शहर के पूर्वी हिस्से में पद्मा नदी के तट से एक मील की दूरी पर है।
दे डेली स्टार अखबार ने मोतिहार पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी अब्दुल मलिक के हवाले से यह खबर दी। पुलिस अधिकारी मलिक ने कहा कि घटनास्थल का दौरा कर जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक विश्लेषण के बाद बम की प्रकृति की पुष्टि होगी। अभी तक प्रो. मसूद ने कोई लिखित शिकायत नहीं दी है। शिकायत मिलने पर औपचारिक कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
राजशाही विश्वविद्यालय के कार्यवाहक रजिस्ट्रार प्रो. इफ्तिखारुल आलम मसूद ने बम विस्फोट के बाद फेसबुक पर पोस्ट करते हुए कहा, ”मैंने हमेशा फासीवादी ताकतों के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई है। किसी भी खतरे ने मुझे अन्याय का विरोध करने से नहीं रोका, लेकिन अब तक उन्होंने कभी मेरे दरवाजे पर आने की हिम्मत नहीं की। कल रात, कायरों ने अंधेरे की आड़ में मेरे घर के गेट पर हमला किया।”
विश्वविद्यालय के कुलपति सालेह हसन नकीब (University Vice-Chancellor Saleh Hasan Naqib) ने फेसबुक पोस्ट में हमले की निंदा करते हुए कहा, ”यह प्रशासन एक टीम के रूप में काम करता है। एक पर हमला सभी पर हमला है। यह दावा कि देसी बम केवल गेट पर फेंका गया, गलत है। इसने सीधे उनके घर को निशाना बनाया। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है और जिम्मेदार लोगों को परिणाम भुगतने होंगे।” इस बीच, विश्वविद्यालय के छात्रों ने रजिस्ट्रार के आवास पर हमले की निंदा करते हुए आज सुबह 11 बजे विरोध रैली निकाली।


