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Chennai : पास रखने वाले सांड मालिकों और सांडों को पकड़ने वाले युवकों को ही मिलेगा जल्लीकट्टू में प्रवेश: तमिलनाडु पुलिस

चेन्नई : जल्लीकट्टू की खेल पोंगल के दिन से ही आरंभ हो जाता है और तमिलनाडु में हजारों साल से सांड पकड़ने वाली यह खेल मदुरै शहर का नाम सबसे ऊंची पायदान पर है। इसीलिए, यह शहर जलीकट्टू के लिए अत्यंत लोकप्रिय है। पोंगल के अवसर पर सोमवार को खेले जाने वाले जल्लीकट्टू खेल की शुरुआत के लिए पुलिस ने रविवार को कहा कि सांडों के मालिक और उसे काबू करने वाले लोगों के लिए पुलिस द्वारा जारी किए गए पास जरूरी हैं। मदुरई के अवनियापुरम में आयोजित जल्लीकट्टू खेल में पास के प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बतादें कि अवनियापुरम में आयोजित किया जा रहा जल्लीकट्टू खेल पोंगल त्योहार फसल कटाई की बात का एक ऐतिहासिक एवं अत्यंत लोकप्रिय तमिलनाडु का उत्सव है। इसमें सांडों को पकड़ने की परंपरा आज भी उसी शिद्दत के साथ कायम है। इसे बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस बार जल्लीकट्टू का आयोजन मदुरै जिले में विशेष तैयारी के साथ किया जा रहा है।

मदुरै शहर के पुलिस आयुक्त जे. लोगनाथन ने कहा कि फोटो पहचान पत्र के साथ पास पहले ही जारी किए जा चुके हैं और मालिकों और टैमर्स को चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी फिटनेस प्रमाण पत्र भी साथ में रखना होगा अन्यथा, अनुमति नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर सांड मालिक सांडों को काबू करने वाले नशे की हालत में पाए जाएंगे तो उन्हें खेल मैदान में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने सांडों मालिकों और उन्हें काबू करने वालों को सूचित कर दिया है कि सांडों की नाक की रस्सी काटने के लिए चाकू या धारदार हथियार का इस्तेमाल न करें। उन्होंने यह जोर दिया कि पुलिस द्वारा दी गई सभी हिदायतों को परिपालन करना होगा। यह खेल जीव केंद्रीय अधिनियम, जंतु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 प्रावधानों के अनुरूप आयोजित किया जाता है ताकि सांडों के ऊपर किसी तरह की निर्दयता और अपराध न किया जा सके।

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