
चेन्नई : (Chennai) पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (West Bengal, Chief Minister Suvendu Adhikari) ने अपने मंत्रिमंडल के विभागों का बंटवारा कर दिया है। सोमवार को हुई इस अहम घोषणा में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस बंटवारे में दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल (Dilip Ghosh and Agnimitra Paul) जैसे बड़े चेहरों को महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं, जिससे राज्य के विकास की रूपरेखा तय होगी।
दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल को कौन से विभाग मिले?
मुख्यमंत्री ने अपनी कैबिनेट में विभागों का वितरण करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष को ग्रामीण विकास (पंचायत) और प्राणी विकास विभाग की (BJP leader Dilip Ghosh with the charge of the Department of Rural Development (Panchayats) and the Department of Animal Resources Development) कमान सौंपी है। वहीं, अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय के साथ-साथ नगर निगमों का महत्वपूर्ण (Agnimitra Paul has been assigned the Ministry of Women and Child Welfare, along with the crucial charge of Municipal Corporations) प्रभार भी दिया गया है। इन दोनों नेताओं को अहम पद देकर सरकार ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं।
खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी किसे मिली?
मंत्रिमंडल में उत्तर बंगाल के विकास को भी विशेष तवज्जो दी गई है। निशीथ प्रमाणिक (Nisith Pramanik) को उत्तर बंगाल विकास विभाग का मंत्री बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें युवा कल्याण और खेल विभाग का जिम्मा भी सौंपा गया है। इससे उत्तर बंगाल के इलाकों में विकास कार्यों को तेजी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
आदिवासी विकास का जिम्मा किसे सौंपा गया?
राज्य के आदिवासी समाज के विकास के लिए भी सरकार ने खास ध्यान रखा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने खुदीराम टुडू (Khudiram Tudu as the Minister for Tribal Development) को आदिवासी विकास मंत्री नियुक्त किया है। उनका मुख्य काम आदिवासी बहुल क्षेत्रों में योजनाओं को पहुंचाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना होगा।
खाद्य विभाग की जिम्मेदारी किसे दी गई?
कैबिनेट के इस विस्तार में अशोक कीर्तनिया (Ashok Kirtania) को भी अहम भूमिका दी गई है। उन्हें खाद्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके कंधों पर राज्य में खाद्य आपूर्ति को सुचारू रखने और राशन व्यवस्था को ठीक करने का काम होगा। इस तरह सभी मंत्रियों को उनके विभाग सौंप दिए गए हैं।


