
काराकास : (Caracas) वेनेजुएला (Venezuela) में दो शक्तिशाली भूकंपों ने व्यापक तबाही मचा दी। अब तक की जानकारी के अनुसार, इस प्राकृतिक हादसे में 164 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 971 लोग घायल हुए हैं। भूकंप के बाद देश में आपातकाल घोषित कर दिया गया है और बचाव कार्य जारी हैं।
दुनिया भर से सहायता की पेशकश आने लगी है। प्रधानमंत्री मोदी (Prime Minister Modi) ने कहा कि भारत वेनेजुएला को हर संभव मदद देने की पेशकश की है। चीन, अमेरिका, इक्वाडोर, कतर, मैक्सिको और अल साल्वाडोर समेत कई देेशाें ने राहत एवं बचाव सहायता खेप की घोषणा की है।
मीडिया रिपाेर्ट के अनुसार, यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) के अनुसार पहला भूकंप बुधवार शाम करीब 6.30 बजे (भारतीय समयानुसार गुरुवार तड़के करीब 4.00 बजे) 7.1 तीव्रता का था। इसके ठीक एक मिनट बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका महसूस किया गया। दोनों भूकंपों का केंद्र राजधानी काराकास से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम में स्थित तटीय शहर मोरोन के पास आए। भूकंप की गहराई मात्र 10 किलोमीटर होने के कारण इसका प्रभाव अत्यंत विनाशकारी रहा।
सबसे अधिक नुकसान उत्तरी वेनेजुएला का तटीय राज्य ला गुएरा में हुआ है, जिसे सरकार ने “आपदा क्षेत्र” (disaster zone) घोषित कर दिया है। दर्जनों इमारतें ढह गई हैं और कई इलाकों में संचार व्यवस्था बाधित होने से राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
राजधानी काराकस और उसके आसपास भी कई बहुमंजिला इमारतें धराशायी हो गईं। सरकार ने पूरे देश में आपातकाल घोषित कर दिया है। राजधानी में बिजली और मोबाइल नेटवर्क बाधित हो गए। सिमॉन बोलिवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Simón Bolívar International Airport) को नुकसान पहुंचने के कारण बंद करना पड़ा, जबकि मेट्रो सेवाएं और प्राकृतिक गैस आपूर्ति भी अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। स्कूलों में कक्षाएं रद्द कर दी गई हैं और कुछ स्कूलों को राहत शिविरों में बदला जा रहा है।
राहतकर्मी मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं।





