
लखनऊ/रामपुर : (Lucknow/Rampur) समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खां (Azam Khan) से जुड़े मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट (Mohammad Ali Jauhar Trust) का आयकर विभाग ने पंजीकरण रद्द कर दिया है। विभाग की इस कार्रवाई के बाद ट्रस्ट को मिलने वाली कर छूट समाप्त हो गई है और उस पर भारी कर व पेनाल्टी का खतरा बढ़ गया है।
आयकर विभाग ने वर्ष 2023 में ट्रस्ट से जुड़े ठिकानों पर हुई छापेमारी में मिली कथित अनियमितताओं और दस्तावेजों की जांच के बाद यह फैसला लिया। विभाग के अनुसार, ट्रस्ट से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर 12एबी रजिस्ट्रेशन खत्म कर दिया गया।
आयकर विभाग, लखनऊ के प्रधान आयुक्त (केंद्रीय) गौरव बॉथम की (Gaurav Botham) ओर से ट्रस्ट को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। सूत्रों के मुताबिक जवाब नहीं मिलने के बाद विभाग ने पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई की।
चैरिटेबल संस्था का तमगा छिना
कानून के मुताबिक, 12एबी पंजीकरण खत्म होने के बाद ट्रस्ट अब आयकर कानून के तहत चैरिटेबल संस्था की श्रेणी में नहीं रहेगा। उसकी आय को सामान्य व्यावसायिक आय की तरह माना जा सकता है, जिस पर सामान्य दरों से कर लगाया जा सकता है।
विभाग ट्रस्ट की चल-अचल संपत्तियों, जमीन, भवन और बैंक खातों का मूल्यांकन कर सकता है। इसके साथ ही पूर्व अवधि की आय, चंदे और अन्य वित्तीय गतिविधियों पर ब्याज व जुर्माने की कार्रवाई भी संभव है।
न्यायाधिकरण में अपील का मौका
यह कार्यवाही आकाश सक्सेना (Akash Saxena) की शिकायतों और बाद की जांच के आधार पर हुई है। आजम खां के परिवार से जुड़े जौहर ट्रस्ट ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का संचालन किया है।
हालांकि, आयकर विभाग के फैसले के खिलाफ ट्रस्ट के पास आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) में अपील करने का विकल्प खुला है।





