बांदा : जिलाधिकारी बांदा दुर्गा शक्ति नागपाल ने कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को नेशनल वाटर मिशन के तहत जनपद के मैरिज हॉल, होटल, नर्सिंग होम संचालकों तथा धुलाई केन्द्रों एवं स्कूल संचालकों की बैठक बुलाई।
उन्हें संबोधित करते हुए कहा कि आगामी 15 से 20 दिनों में वर्षा का मौसम आने वाला है, वर्षा का जल संचयन एवं संरक्षित करने को तथा गिरते हुए भू-गर्भ जलस्तर को बचाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य करने हैं। वर्षा का जल संचयन करने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम प्रत्येक व्यवसायिक केन्द्र में बनाना है।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से एक टंकी से पानी फिल्टर होकर दूसरी टंकी में पहुंचेगा। यह जल संरक्षण का बहुत ही महत्वपूर्ण एवं शुलभ आयाम है। पानी की जनपद बांदा में कमी को दृष्टिगत रखते हुए वर्षा जल संचयन करना आवश्यक है, इसलिए रूफटॉप बनाने से भू-गर्भ जलस्तर में सुधार होगा। इस कार्य में सभी की जन सहभागिता एवं भागीदारी अत्यन्त आवश्यक है। सभी लोग रूफटॉप व रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनाने का सामूहिक कार्य शीघ्र करें।
उन्होंने धुलाई केन्द्रों में गाड़ियों की धुलाई के बाद वेस्टेज होने वाले पानी को बचाने एवं जल संचयन के लिए धुलाई केन्द्रों पर सोकपिट बनाये जाने के निर्देश दिये। कहा कि वर्षा के जल को संरक्षित करना आवश्यक है, क्योंकि लगातार भूगर्भ से जल दोहन होने के कारण भूगर्भ जलस्तर नीचे जा रहा है। भूगर्भ जल स्तर को बचाने का एकमात्र उपाय वर्षा जल का संचयन करना है। जिससे बांदा जनपद का जल स्तर और नीचे न जाने पाये और आने वाली पीढ़ियों को पानी की समस्या का सामना नहीं करना पड़े।
बैठक में सहायक अभियंता लघु सिंचाई द्वारा वर्षा जल के संचयन को दो विधियां पिट मैथेड एवं रिचार्ज बिल सिस्टम के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने कहाकि जिन लोगों को अपने व्यवसायिक केन्द्रों में एवं सर्विस सेन्टरों में ग्राउण्ड वाटर रिचार्ज क लिए रूफटॉप व रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम एवं पिट मैथेड एवं रिचार्ज बिल सिस्टम बनाने में किसी प्रकार की परेशानी हो तो सर्वे टीम से सम्पर्क कर सकते हैं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी उमाकान्त त्रिपाठी, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग, अधिशाषी अभियंता लघु सिंचाई विभाग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अनिल श्रीवास्तव, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार एवं सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।


