spot_img

Araria : मैट्रिक परीक्षा में उमड़ी परीक्षार्थियों और अभिभावकों की भीड़ से शहर जाम के आगोश में

अररिया : (Araria) बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (Class 10 matriculation examination) की ओर से क्लास दस की मैट्रिक परीक्षा जिले के विभिन्न केन्द्रों पर15 फरवरी से चल रही है।मैट्रिक परीक्षा को लेकर शहर में परीक्षार्थियों और अभिभावकों की अतिरिक्त भीड़ शहर में हो गई है।जिससे शहर सुबह से लेकर शाम तक जाम के आगोश में है और जाम के कारण शहरवासी हलकान हैं।

जाम के कारण लोगों चंद फासला तय करने के लिए घंटो समय गंवाना पड़ता है,जिसके कारण आम शहरवासी की दैनिक जिंदगी प्रभावित हो गई है।सबसे ज्यादा दिक्कत सुबह के वेला में विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी कार्यालय में नौकरी करने वालों को उठानी पड़ रही है।गाड़ियों की लंबी कतार के बीच जाम में फंसना नियति सी बन गई है।जबकि जाम से निबटने को लेकर पुलिस प्रशासन की सक्रियता नहीं दिख रही।फारबिसगंज शहर की बात करे तो इन दिनों जाम लगने का बहुत बड़ा कारण नगर परिषद की ओर से विभिन्न वार्डों में चल रहा नाला निर्माण और पीसीसी सड़क निर्माण कार्य भी है।

कार्य करा रही एजेंसी और संवेदक सड़क के एक किनारे बालू,चिप्स के ढेर सहित निर्माण कार्य में लगने वाले मशीनों को लगा रखा है।जिसके कारण सड़कें संकरी हो गई है और इसके आवाजाही प्रभावित हो रही है।सबसे ज्यादा दिक्कत विभिन्न केंद्रों पर जाने वाले परीक्षार्थियों को उठाना पड़ रहा है।जाम में फंसे रहने के डर से एक घंटा पहले ही केंद्र पर पहुंचने की जुगत में परीक्षार्थी और अभिभावक लग जाते हैं।जाम के कारण मानसिक रूप से परीक्षार्थी और उनके अभिभावक भी पजल हो जाते हैं।वहीं सुबह के वेला में निजी विद्यालय में जाने वाले छोटे छोटे बच्चों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

फारबिसगंज प्लस टू स्तरीय ली अकादमी केन्द्र पर परीक्षा दे रही नम्रता कुमारी,शुभा कुमारी,ज्योति रंजना,श्रद्धा कुमारी आदि ने बताया कि परीक्षा केन्द्र पर सौ से दो सौ मीटरकी की दूरी पर प्रतिदिन पहुंचना किसी जंग के जितने के समान है।इन लोगों ने परीक्षा के काल में सड़क और नाला निर्माण कार्य कराए जाने को लेकर सवाल खड़ा किया।परीक्षा दे रही किशोरियों ने कहा कि किसी भी छात्र और छात्रा के लिए मैट्रिक परीक्षा का योगदान अहम होता है और हम बेहतर परीक्षा देने के लिए घर से निकलते हैं,लेकिन केन्द्र तक पहुंचते पहुंचते व्यवस्था के कारण माथा पजल हो जाता है।

हालांकि सड़क पर निर्माण एजेंसी और संवेदक के द्वारा निर्माण सामग्री को सड़क के किनारे रखे जाने को लेकर फारबिसगंज नगर परिषद के कार्यपालक अधिकारी संदीप कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि ऐसा न करे और इसको लेकर नगर परिषद के कनीय अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश भी दिया था।लेकिन बावजूद इन सबके कार्यपालक पदाधिकारी के निर्देशों को धत्ता बताते हुए संवेदक और निर्माण एजेंसी ऐसा कर रहे हैं।कोई देखने और सुनने वाला नहीं है।बहरहाल जाम से शहरवासी कच्छप गति से चलने और सिसकने को मजबूर है।

New Delhi : अमेरिका ने भारत के लिए अपाचे हेलीकॉप्टर सहायता सौदे को मंज़ूरी दी

नई दिल्ली : (New Delhi) अमेरिका के विदेश विभाग ने भारत को अपाचे हेलीकॉप्टर, सपोर्ट सेवाएं और संबंधित उपकरणों की संभावित विदेशी सैन्य बिक्री...

Explore our articles